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एलोन मस्क के ‘ग्रोक’ ने पेश किया ‘वीडियो मोड’: निजता के हनन को लेकर दुनिया भर में डर
एलोन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी, xAI ने अपने चैटबॉट ‘ग्रोक’ (Grok) के लिए एक नया “वीडियो मोड” पेश किया है, जो भविष्य की तकनीक और डिजिटल डर का एक अजीब मिश्रण है। मस्क द्वारा साझा किए गए एक डेमो वीडियो में दिखाया गया है कि यह एआई अब उपयोगकर्ता के स्मार्टफोन कैमरे के माध्यम से भौतिक दुनिया को “देख” सकता है और वास्तविक समय (Real-time) में उसकी व्याख्या कर सकता है। हालांकि, इस फीचर के लॉन्च होते ही विवाद शुरू हो गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह टूल “स्टॉकर्स” (पीछा करने वालों) के लिए वरदान और निजता के हनन का एक नया जरिया बन सकता है।
बुधवार को मस्क ने एक्स (X) पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक यूजर अपने कैमरे को विभिन्न वस्तुओं की ओर घुमाता है और ग्रोक सटीक रूप से बताता है कि वह क्या देख रहा है। मस्क ने लिखा, “वीडियो मोड का उपयोग करें और ग्रोक की आवाज वह सब कुछ समझाएगी जो आप देख रहे हैं।”
लाइव विजन: क्या है ग्रोक का नया लेंस?
यह “वीडियो मोड” ग्रोक के हालिया “वॉइस मोड” का विस्तार है। इसका उद्देश्य टाइपिंग की जरूरत को खत्म करना है।
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10-सेकंड वीडियो जनरेशन: विजन फीचर्स के साथ, मस्क ने वीडियो बनाने की क्षमता को 5 सेकंड से बढ़ाकर 10 सेकंड कर दिया है, जिसमें बेहतर विजुअल और ऑडियो क्वालिटी का दावा किया गया है।
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बिना टाइप किए सवाल: यात्री अब अजनबी सड़कों पर साइनबोर्ड समझने के लिए बस कैमरा घुमा सकते हैं और ग्रोक उन्हें बोलकर सब समझा देगा।
हालांकि, कैमरे से जुड़े एआई का यह “हमेशा चालू” (Always-on) स्वभाव इस चिंता को जन्म दे रहा है कि बैकग्राउंड में रिकॉर्ड होने वाले डेटा का उपयोग कैसे किया जाएगा।
‘स्पाइसी मोड’ का विवाद: नवाचार पर गहराता साया
यह फीचर ऐसे समय में आया है जब xAI पहले से ही भारी विवादों में है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रोक के “स्पाइसी मोड” का उपयोग करके महज 11 दिनों में 30 लाख आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाई गईं। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि लगभग 23,000 तस्वीरें बच्चों से संबंधित थीं।
भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के नियामकों ने पहले ही इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या ग्रोक के इमेज-एडिटिंग टूल ने सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन किया है। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने xAI को ‘सीज एंड डिस्टिंक्शन’ (काम रोकने का आदेश) पत्र जारी करते हुए कहा, “हम नवाचार के नाम पर महिलाओं और बच्चों के सम्मान के साथ खिलवाड़ और निजता के हनन को बर्दाश्त नहीं कर सकते।”
xAI का उदय और चुनौतियां
मस्क ने 2023 में xAI की स्थापना की थी ताकि वे ‘ओपन एआई’ (OpenAI) के प्रतिद्वंद्वी के रूप में एक “बेबाक” चैटबॉट बना सकें। लेकिन सुरक्षा घेरे (Guardrails) की कमी ने इसे कई बार विवादों में डाला है:
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पीछा करने का डर (Stalking): 2025 की एक रिपोर्ट में पाया गया कि ग्रोक निजी व्यक्तियों के घर का पता बता सकता है और पीछा करने के तरीके भी सुझाता है।
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डेटा लीक: अगस्त 2025 में लगभग 3.7 लाख निजी चैट सार्वजनिक सर्च इंजन पर लीक हो गए थे।
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वैश्विक प्रतिबंध: मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने पहले ही आपत्तिजनक सामग्री के कारण ग्रोक पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे ग्रोक 4.1 दुनिया भर में पहुंच रहा है, मस्क की “पूर्ण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” और डिजिटल निजता के कानूनी अधिकारों के बीच का संघर्ष और गहरा होता जा रहा है। “वीडियो मोड” एआई की शक्ति का प्रदर्शन तो है, लेकिन यह हमारे निजी जीवन में एआई के अनियंत्रित प्रवेश पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
