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क्रिप्टो बाजार में कोहराम: $2 ट्रिलियन स्वाहा, बिटकॉइन आधा हुआ
वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय एक भीषण गिरावट के दौर से गुजर रहा है। अक्टूबर 2025 के अपने उच्चतम स्तर से अब तक बाजार की कुल वैल्यू से लगभग $2 ट्रिलियन (लगभग 166 लाख करोड़ रुपये) साफ हो चुके हैं। दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा, बिटकॉइन, अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर $124,000 से लगभग 50% गिरकर इस सप्ताह $60,000 के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह गिरावट 2022 के बाद से इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा संकट मानी जा रही है, जिसने न केवल व्यक्तिगत निवेशकों बल्कि बड़ी कंपनियों के पोर्टफोलियो को भी हिला कर रख दिया है।
इस मंदी का असर केवल डिजिटल टोकन तक ही सीमित नहीं है। उन कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट आई है जिन्होंने अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा बिटकॉइन में निवेश किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में जिस “क्रिप्टो क्रांति” की उम्मीद की जा रही थी, वह अब अनिश्चितता के बादलों में घिरी नजर आ रही है।
$2 ट्रिलियन की गिरावट का विश्लेषण
क्रिप्टो बाजार में गिरावट की रफ्तार बहुत तेज रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में कुल क्रिप्टो मार्केट कैप $4.379 ट्रिलियन था, जो अब घटकर लगभग आधा रह गया है। अकेले पिछले एक महीने में ही $800 बिलियन का नुकसान हुआ है।
बिटकॉइन (BTC) 2026 की शुरुआत से अब तक लगभग 28% गिर चुका है। यह अब उस स्तर से भी नीचे आ गया है जहाँ यह राष्ट्रपति ट्रंप के चुनाव के समय था। ईथर (ETH), जो दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है, की हालत और भी खराब है; इसने इसी अवधि के दौरान अपनी वैल्यू का लगभग 38% खो दिया है।
कंपनियों पर असर: स्ट्रैटेजी के शेयर धराशायी
बिटकॉइन की गिरती कीमतों ने उन कंपनियों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई है जिनके पास इसका बड़ा स्टॉक है:
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स्ट्रैटेजी (माइक्रोस्ट्रैटेजी की इकाई): इस कंपनी के शेयर जुलाई के $457 के स्तर से गिरकर गुरुवार को $111.27 पर आ गए। कंपनी ने अपने 2025 के मुनाफे के अनुमान को $24 बिलियन से घटाकर $5.5 बिलियन के घाटे की आशंका में बदल दिया है।
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वैश्विक प्रभाव: ब्रिटेन की ‘स्मार्टर वेब कंपनी’ के शेयर 18% गिर गए, जबकि जापान की ‘मेटाप्लैनेट’ में 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
फेडरल रिजर्व और केविन वॉर्श का डर
बाजार में हालिया बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व में होने वाला बदलाव है। केविन वॉर्श को अगले फेड चेयरमैन के रूप में नामित किए जाने से निवेशकों में डर है। विश्लेषकों का मानना है कि वॉर्श एक “हॉक” (कठोर नीति वाले) नेता हैं और वे फेड की बैलेंस शीट को छोटा कर सकते हैं।
जब बाजार में नकदी (लिक्विडिटी) कम होती है, तो बिटकॉइन जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से निवेशक पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। जूलियस बेयर के विश्लेषक मैनुएल विलेगास फ्रांसेस्की ने कहा, “छोटा बैलेंस शीट क्रिप्टो के लिए किसी भी तरह से मददगार नहीं होगा।”
संस्थागत निवेशकों का पलायन
दिसंबर और जनवरी के दौरान बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) से भारी निकासी देखी गई है। ड्यूश बैंक के विश्लेषकों के अनुसार, जनवरी 2026 में अमेरिकी बिटकॉइन ईटीएफ से $3 बिलियन से अधिक निकाले गए। यह इस बात का संकेत है कि पारंपरिक और बड़े निवेशक अब क्रिप्टो में अपनी रुचि खो रहे हैं और बाजार में निराशावाद बढ़ रहा है।
“डिजिटल गोल्ड” की वास्तविकता
अक्सर बिटकॉइन को “डिजिटल गोल्ड” कहा जाता है, लेकिन वर्तमान गिरावट ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोने के विपरीत, बिटकॉइन की कीमत पूरी तरह से इस पर निर्भर करती है कि निवेशक कितना भुगतान करने को तैयार हैं। जब वैश्विक स्तर पर तकनीक (टेक) शेयरों में गिरावट आती है, तो बिटकॉइन भी उसी राह पर चल पड़ता है।
जेफरीज के रणनीतिकार मोहित कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि कीमतें इसी तरह गिरती रहीं, तो क्रिप्टो माइनिंग करने वाली कंपनियों को मजबूरन अपनी होल्डिंग्स बेचनी पड़ सकती हैं, जिससे गिरावट का एक “दुष्चक्र” (vicious cycle) शुरू हो सकता है।
“जैसे ही बिटकॉइन $70,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरा है, यह स्पष्ट हो गया है कि क्रिप्टो बाजार अब पूरी तरह से ‘सरेंडर’ मोड में है। यदि पिछले चक्रों को देखें, तो यह केवल एक छोटी अवधि का सुधार नहीं है, बल्कि एक बड़ा बदलाव है… और इसे संभलने में हफ्तों नहीं, बल्कि महीनों का समय लगता है,” निक पक्रिन, कॉइन ब्यूरो के सह-संस्थापक ने कहा।
आगे की राह
गुरुवार को बिटकॉइन $60,008.52 के निचले स्तर को छू गया। कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग $1 बिलियन मूल्य की बिटकॉइन पोजीशन खत्म (liquidate) हो गईं। यह उन निवेशकों के लिए एक कठिन समय है जिन्होंने हाल ही में बाजार में प्रवेश किया था।
क्या यह गिरावट एक “स्वस्थ सुधार” है या फिर एक लंबे “क्रिप्टो विंटर” (मंदी के लंबे दौर) की शुरुआत, यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल $2 ट्रिलियन के नुकसान ने यह साबित कर दिया है कि क्रिप्टो की राह बेहद जोखिम भरी है।
