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दक्षिण कोरिया में रोबोट चला रहे बिना स्टाफ वाली दुकानें

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दक्षिण कोरिया में रोबोट चला रहे बिना स्टाफ वाली दुकानें - SamacharToday.co.in

दक्षिण कोरिया में बढ़ती श्रम लागत और कर्मचारियों की कमी से निपटने के लिए व्यवसाय तेजी से रोबोट और सेल्फ-सर्विस मॉडल अपना रहे हैं। देशभर में बिना कर्मचारियों वाली कॉफी शॉप, रेमन रेस्तरां, फूलों की दुकानें और अन्य रिटेल आउटलेट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बदलाव के पीछे ऑटोमेशन के साथ-साथ ग्राहकों की ईमानदारी और अनुशासित व्यवहार को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2024 के अंत तक दक्षिण कोरिया में लगभग 9,000 बिना स्टाफ वाली दुकानें संचालित हो रही थीं। वहीं भुगतान सेवा प्रदाता सैमसंग कार्ड का अनुमान है कि 2025 तक इनकी संख्या वर्ष 2020 की तुलना में लगभग चार गुना बढ़ चुकी है।

रोबोटिक्स कंपनी XYZ Robotics की सहायक इकाई Lounge X के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किम डोंगजिन ने बताया कि युवाओं, विशेषकर 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के बरिस्ता की संख्या तेजी से घट रही है। इसी कारण कंपनी ने ‘बारिस’ नामक रोबोटिक आर्म विकसित किया है, जो अमेरिकानो, माचा लाटे और अन्य कॉफी पेय तैयार कर ग्राहकों को परोसता है। कंपनी वर्तमान में सियोल सहित विभिन्न शहरों में आठ पूरी तरह बिना स्टाफ वाली 24 घंटे खुली रहने वाली कॉफी शॉप संचालित कर रही है।

कंपनी ने शुरुआत में एक हाइब्रिड मॉडल अपनाया था, जिसमें प्रत्येक स्टोर में एक या दो कर्मचारी मौजूद रहते थे। अब अधिकांश दुकानों में केवल प्रतिदिन लगभग एक घंटे के लिए कर्मचारी पहुंचकर कॉफी बीन्स, बेकरी उत्पादों का स्टॉक भरते हैं और सफाई का कार्य करते हैं। कंपनी के अनुसार, जहां पारंपरिक कॉफी शॉप का लाभ मार्जिन 10 से 15 प्रतिशत रहता है, वहीं बिना स्टाफ वाली दुकानों में यह बढ़कर 40 प्रतिशत से अधिक हो जाता है।

दक्षिण कोरिया में यह मॉडल केवल कॉफी शॉप तक सीमित नहीं है। अब बिना कर्मचारियों वाली रेमन दुकानें, कपड़ों की दुकानें, पालतू पशुओं के उत्पादों की दुकानें और फूलों की दुकानें भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती मजदूरी और योग्य कर्मचारियों की कमी के कारण यह मॉडल आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।

रेमन रेस्तरां संचालिका ह्यून सन-जू ने बताया कि ग्राहकों द्वारा ईमानदारी से भुगतान करने के कारण बिना स्टाफ वाली दुकान चलाना अपेक्षाकृत आसान है। उन्होंने कहा कि चोरी की कुछ घटनाएं जरूर हुई हैं, लेकिन अधिकांश ग्राहक नियमों का पालन करते हैं। इस मॉडल ने उन्हें अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ व्यवसाय संभालने की सुविधा भी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया की तेजी से वृद्ध होती आबादी और दुनिया की सबसे कम जन्म दरों में शामिल जनसंख्या संरचना के कारण श्रम संकट और गहराने की संभावना है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, वर्तमान 5.18 करोड़ की आबादी वर्ष 2072 तक घटकर लगभग 3.62 करोड़ रह सकती है। ऐसे में रोबोटिक्स और सेल्फ-सर्विस मॉडल आने वाले वर्षों में देश के खुदरा और सेवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।

देवाशीष पेशे से इंजीनियर हैं और वर्ष 2017 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें 2017 से पत्रकारिता में निरंतर अनुभव प्राप्त है, जिसके आधार पर उन्होंने डिजिटल और समाचार जगत में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विषयों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टि के लिए जाना जाता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), संसद, केंद्र सरकार और नीति-निर्माण से जुड़े मामलों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। उनकी मुख्य रुचि और विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय समाचारों, प्रबंधन, व्यापार (बिज़नेस) और खेल जगत की कवरेज में रही है। इसके साथ ही वे सीमित रूप से राजनीति और न्यूज़ प्लेसमेंट से जुड़े विषयों को भी कवर करते हैं। Samachar Today में देवाशीष का फोकस वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक गतिविधियों, खेल समाचारों और रणनीतिक विषयों पर निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग प्रदान करना है।

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