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धुरंधर 2 के मेकर्स पर स्क्रिप्ट चोरी का आरोप

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SamacharToday.co.in - धुरंधर 2 के मेकर्स पर स्क्रिप्ट चोरी का आरोप - Image Credited by MensXP

जहां एक ओर आदित्य धर की जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह फिल्म एक गंभीर कानूनी और नैतिक विवाद में फंस गई है। लेखक-निर्देशक संतोष कुमार आर.एस. ने आरोप लगाया है कि यह ब्लॉकबस्टर फिल्म उनकी मूल पटकथा (ओरिजिनल स्क्रिप्ट) पर आधारित है, जिसे उन्होंने 2003 में लिखा था। कुमार का यह भी दावा है कि उनकी “मनोरंजन आधारित” कहानी को वर्तमान निर्माताओं ने “राजनीतिक प्रोपेगेंडा” में बदल दिया है।

यह विवाद तब सामने आया जब फिल्म ने रिलीज के मात्र 12 दिनों के भीतर ₹1,200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। व्यावसायिक सफलता के बावजूद, इन आरोपों ने भारतीय फिल्म उद्योग में बौद्धिक संपदा (IP) की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरोप: क्या पिच की गई कहानी चोरी हुई?

मुंबई में एक प्रेस वार्ता के दौरान संतोष कुमार आर.एस. ने अपनी कहानी को बड़े पर्दे पर लाने के संघर्ष का विवरण दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नवंबर 2023 में ‘स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन’ (SWA) के साथ अपनी स्क्रिप्ट पंजीकृत कराई थी। कुमार के अनुसार, उन्होंने यह कहानी सोनी पिक्चर्स, ज़ी एंटरटेनमेंट, टी-सीरीज और धर्मा प्रोडक्शंस जैसे कई बड़े प्रोडक्शन हाउस को पिच की थी।

कुमार ने पत्रकारों से कहा, “मैंने यह कहानी 2023 में बहुत कड़ी मेहनत से लिखी थी। मुझे बताया गया था कि आदित्य रॉय कपूर जैसे बड़े अभिनेताओं को लेने के लिए किसी बड़ी कॉर्पोरेट संस्था का साथ होना जरूरी है। फिल्म देखने के बाद मुझे एहसास हुआ कि यह मेरी ही स्क्रिप्ट और मेरी ही कहानी है। मेरी मेहनत का बिना सहमति के शोषण किया गया है।”

कुमार ने जोर देकर कहा कि उनके पास ईमेल और पंजीकरण प्रमाणपत्रों सहित दस्तावेजी सबूत हैं। उन्होंने फिल्म के विषय में बदलाव पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैंने इसे शुद्ध मनोरंजन के लिए लिखा था, लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा बना दिया, जिससे मुझे एक लेखक के तौर पर गहरी चोट पहुंची है।”

विशेषज्ञों की राय

मुंबई के अनुभवी बौद्धिक संपदा वकील आनंद देसाई ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा: “बॉलीवुड के बड़े विवादों में सबूत का बोझ दावेदार पर होता है। हालांकि SWA पंजीकरण एक मजबूत सबूत है, लेकिन अदालत स्क्रिप्ट में समानता की गहराई की जांच करती है। यदि श्री कुमार यह साबित कर पाते हैं कि कहानी के मुख्य बिंदु उनके थे, तो निर्माताओं को बड़ी कानूनी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।”

‘धुरंधर’ की सफलता और विवाद

आदित्य धर द्वारा निर्देशित ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी हमजा अली मजारी उर्फ ​​जसकीरत सिंह रंगी की यात्रा पर आधारित है। फिल्म में नायक एक भारतीय एजेंट है जो देश विरोधी तत्वों को खत्म करने के लिए लयारी में घुसपैठ करता है। जहां फिल्म के एक्शन की सराहना हो रही है, वहीं इसके अति-राष्ट्रवादी स्वर के लिए इसकी आलोचना भी हुई है।

संतोष कुमार आर.एस. ने इस मामले को अदालत में ले जाने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी उभरते लेखकों के लिए है जिन्हें डर है कि उनके विचारों को शक्तिशाली लोग चुरा सकते हैं। फिलहाल, फिल्म के निर्माताओं ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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