International Relations
पीएम मोदी आज ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे, एंथनी अल्बनीज़ के साथ वार्षिक शिखर वार्ता करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचेंगे। तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा करेंगे।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे, जहां वह दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। भारतीय प्रवासी समुदाय को दोनों देशों के संबंधों का मजबूत स्तंभ माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बनीज़ के बीच होने वाली वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर रहेगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 33 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक इसे 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जनवरी 2026 से लागू भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) के तहत भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलियाई कंपनी AirTrunk ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 30 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है। वहीं 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर की ‘प्रोजेक्ट सेरेस’ उर्वरक परियोजना दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग का प्रमुख उदाहरण मानी जा रही है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। 1 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दूसरे रक्षा मंत्रियों के संवाद के बाद दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में सहयोग को और आगे बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष दोनों देशों ने कई संयुक्त रक्षा गतिविधियों और सैन्य अभ्यासों में भी भाग लिया है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लोगों के स्तर पर संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों की संख्या अब 10 लाख से अधिक हो चुकी है, जो वहां का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बड़ा प्रवासी समुदाय है।
शिक्षा और अनुसंधान सहयोग भी इस साझेदारी का अहम हिस्सा बन गया है। वर्तमान में 1.02 लाख से अधिक भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देश उन्नत कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान, मेडटेक और नई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी काम कर रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर दोनों देशों के बीच उच्च प्रौद्योगिकी, नवाचार और भविष्य उन्मुख रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगी।
