Connect with us

Entertainment

बॉर्डर 2: 1971 का शौर्य पुनर्जीवित; दिलजीत ने दी शहीद को श्रद्धांजलि

Published

on

SamacharToday.co.in - बॉर्डर 2: 1971 का शौर्य पुनर्जीवित; दिलजीत ने दी शहीद को श्रद्धांजलि - Image Credited by The Times of India

23 जनवरी, 2026 की सुबह जब सूरज उगा, तो भारत के सिनेमाघर यादों और देशभक्ति के अखाड़े में बदल गए। 1997 की क्लासिक फिल्म के बहुप्रतीक्षित सीक्वल बॉर्डर 2 की रिलीज ने देश भर में पुरानी यादों और गर्व की एक लहर पैदा कर दी है। गणतंत्र दिवस के माहौल के बीच रिलीज हुई यह फिल्म न केवल मनोरंजन है, बल्कि 1971 के युद्ध के नायकों को एक भावभीनी श्रद्धांजलि भी है।

फिल्म में दिलजीत दोसांझ द्वारा निभाया गया ‘फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों’ का किरदार कहानी की जान बनकर उभरा है। निर्मल जीत सिंह सेखों भारतीय वायु सेना के एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

‘फ्लाइंग बुलेट्स’ को एक सिनेमाई सलाम

निर्देशक अनुराग सिंह ने बॉर्डर 2 के जरिए उस जादू को फिर से पर्दे पर उतारने की कोशिश की है जिसने 27 साल पहले पूरे भारत को भावुक कर दिया था। जहां पहली फिल्म लोंगेवाला की लड़ाई पर केंद्रित थी, वहीं बॉर्डर 2 भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के संयुक्त पराक्रम को दर्शाती है।

दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के सेट से पर्दे के पीछे की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह फिल्म पूरी टीम की “दो सालों की मेहनत” का परिणाम है।

“पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है… बाबा साथ दें… यह अनुराग भाई की 2 सालों की मेहनत है,” दिलजीत ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखा। “निर्मल जीत सिंह सेखों वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। फिल्म में मुझे उनका किरदार निभाने का मौका मिला… यह मेरे लिए बड़े गर्व की बात है। शुक्र!”

निर्मल जीत सिंह सेखों: श्रीनगर के अकेले रक्षक

दिलजीत के किरदार की गहराई को समझने के लिए 1971 की उस सर्द सुबह को याद करना जरूरी है। 14 दिसंबर को जब छह पाकिस्तानी सेबर जेट विमानों ने श्रीनगर एयरबेस पर हमला किया, तब 26 वर्षीय सेखों अपने ‘नेट’ (Gnat) लड़ाकू विमान के साथ अकेले ही उनसे भिड़ गए। 1:6 की विषम परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने दुश्मन के दो विमानों को मार गिराया और शहीद होने से पहले एयरबेस को सुरक्षित रखा।

एक सेवानिवृत्त वायु सेना अधिकारी ने फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कहा, “सेखों की बहादुरी और उड़ान कौशल ने वायु सेना की परंपराओं में नए मानक स्थापित किए थे। दिलजीत जैसे कलाकार द्वारा इस भूमिका को निभाना युवा पीढ़ी को हमारे वास्तविक नायकों से जोड़ने का एक शानदार तरीका है।”

फिल्म की स्टार कास्ट और ऐतिहासिक प्रेरणा

बॉर्डर 2 पुराने और नए सितारों का एक अनूठा संगम है:

  • सनी देओल: फिल्म की आत्मा के रूप में वापसी करते हुए, देओल ने लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर की भूमिका निभाई है। उनकी दहाड़ और मौजूदगी आज भी दर्शकों को रोमांचित कर रही है।

  • वरुण धवन: इन्होंने 3 ग्रेनेडियर्स के मेजर होशियार सिंह दहिया (परमवीर चक्र विजेता) की भूमिका को बखूबी निभाया है।

  • अहान शेट्टी: अपने पिता सुनील शेट्टी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, अहान ने भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर एम. एस. रावत का किरदार निभाया है।

  • सोनम बाजवा और मोना सिंह: फिल्म सेना के परिवारों के भावनात्मक संघर्ष और उनकी मजबूती को भी प्रमुखता से दिखाती है।

निष्कर्ष

बॉर्डर 2 केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक जरिया है जो सीमा पर खड़े हैं। दिलजीत दोसांझ की यह भावुक पोस्ट और फिल्म को मिल रहा प्यार यह साबित करता है कि भारत के लिए ‘बॉर्डर’ आज भी सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक भावना है।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.