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‘भजन क्लबिंग’ से आध्यात्मिकता अपना रही है Gen Z: मेलबर्न में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत में ‘भजन क्लबिंग’ का बढ़ता चलन इस बात का प्रमाण है कि Gen Z यानी नई पीढ़ी भी आध्यात्मिकता, आस्था और भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ रही है। उन्होंने यह बात ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी होती है कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “आपने भारत में ‘भजन क्लबिंग’ के नए ट्रेंड के बारे में जरूर सुना होगा। इसे हमारी Gen Z आगे बढ़ा रही है। यहां ऑस्ट्रेलिया में भी मैंने सुना है कि आपके सप्ताहांत आस्था और आध्यात्मिकता से भरे रहते हैं। कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा होती है, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चे भांगड़ा और भरतनाट्यम प्रस्तुत करते हैं, तो कहीं क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है। हमेशा कुछ न कुछ सकारात्मक गतिविधियां होती रहती हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में आयोजित होने वाले इंडियन फिल्म फेस्टिवल के लिए भी शुभकामनाएं दीं और इसके सफल आयोजन की कामना की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के विकास के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। जब एक सपना पूरा होता है तो दूसरा सपना जन्म लेता है। यह नया भारत ‘Grow More, Achieve More’ के मंत्र पर विश्वास करता है। 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं ही आज देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा देशवासियों की ऊर्जा, नवाचार और महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित है तथा आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर उपस्थित लोगों ने “मोदी, मोदी” के नारों से उनका स्वागत किया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी उनके साथ मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करते हुए कई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोक कला और संगीत की झलक देखने को मिली।
