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राकेश बेदी ने सह-कलाकार विवाद को ‘बेवकूफी’ करार दिया

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SamacharToday.co.in - राकेश बेदी ने सह-कलाकार विवाद को 'बेवकूफी' करार दिया - Image Credited by The Times of India

स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’ की रिकॉर्डतोड़ सफलता के बीच, अनुभवी अभिनेता राकेश बेदी ने आखिरकार उस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है जिसने एक महीने से अधिक समय से उनके प्रदर्शन पर छाया डाल रखी थी। फिल्म में अपनी भूमिका के लिए सराहे जा रहे अभिनेता ने हाल ही में अपनी 20 वर्षीय सह-कलाकार सारा अर्जुन के प्रति किए गए एक व्यवहार पर सोशल मीडिया की कड़ी आलोचना का जवाब दिया है।

यह विवाद नवंबर में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान शुरू हुआ था, जब बेदी को सारा अर्जुन का स्वागत गले लगाकर और कंधे पर किस (peck) करके करते देखा गया था। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने तुरंत इस व्यवहार को “अनुचित” करार दिया, जिससे आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। हालांकि, मीडिया के साथ एक स्पष्ट बातचीत में, बेदी ने इन आरोपों को “बेवकूफी भरा” और “संदर्भ से बाहर” बताते हुए खारिज कर दिया।

पिता-पुत्री के स्नेह की गलत व्याख्या

बेदी, जो पर्दे पर सारा के पिता की भूमिका निभाते हैं, ने जोर देकर कहा कि कैमरे के पीछे भी उनका रिश्ता उनके फिल्मी किरदारों जैसा ही है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दिखाया गया स्नेह फिल्म के सेट पर उनके दैनिक व्यवहार से अलग नहीं था।

राकेश बेदी ने कहा, “सारा मेरी उम्र से आधी से भी कम है और मेरी बेटी की भूमिका निभा रही है। शूटिंग के दौरान जब भी हम मिलते थे, वह मुझे गले लगाकर वैसे ही मिलती थी जैसे एक बेटी अपने पिता से मिलती है।” उन्होंने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि जनता एक बुजुर्ग व्यक्ति के युवा सहकर्मी के प्रति स्नेह को नहीं देख पा रही है। उन्होंने आगे कहा, “देखने वाले की आंख में गड़बड़ है तो क्या कर सकते हो?”

अभिनेता ने आरोपों के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाया और बताया कि सारा के माता-पिता, राज अर्जुन और सान्या, उस कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने टिप्पणी की, “मैं सार्वजनिक रूप से मंच पर गलत इरादे से उसे किस क्यों करूंगा? उसके माता-पिता वहां थे। लोग बस पागल हैं… उन्हें बस सोशल मीडिया पर बिना किसी बात के मुद्दा बनाने की जरूरत है।”

सार्वजनिक जांच पर उद्योग का नजरिया

यह घटना “कैंसल कल्चर” की बढ़ती चुनौती और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों की अत्यधिक जांच-परख को उजागर करती है। उद्योग विशेषज्ञों का सुझाव है कि जहां अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्कता आवश्यक है, वहीं वायरल क्लिप में संदर्भ की कमी अक्सर अनुचित चरित्र हनन का कारण बन सकती है।

वरिष्ठ फिल्म समीक्षक और उद्योग विश्लेषक अदिति शर्मा ने स्थिति पर टिप्पणी की: “डिजिटल युग ने वास्तविक चिंता और दिखावटी आक्रोश के बीच की रेखाओं को धुंधला कर दिया है। जब राकेश बेदी जैसा अभिनेता, जिनका दशकों लंबा करियर बेदाग रहा है, किसी व्यवहार को पितृवत बताता है, तो यह हमें यह पूछने पर मजबूर करता है कि क्या हम मानवीय व्यवहार को आंकने के लिए आवश्यक बारीकियों को खो रहे हैं।”

‘धुरंधर’: बॉक्स ऑफिस पर एक महाशक्ति

यह विवाद फिल्म की शानदार व्यावसायिक सफलता के बिल्कुल विपरीत है। आदित्य धर द्वारा निर्देशित ‘धुरंधर’ एक एक्शन से भरपूर स्पाई थ्रिलर है जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। राकेश बेदी और अक्षय खन्ना ने नकारात्मक भूमिकाओं में दमदार प्रदर्शन किया है।

अपनी रिलीज के बाद से, फिल्म एक वैश्विक घटना बन गई है, जिसने घरेलू बाजार में महज दो हफ्तों में 4,50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। बेदी से जुड़े ऑनलाइन विवाद के बावजूद, फिल्म भारी भीड़ खींचना जारी रखे हुए है, जिससे साबित होता है कि दर्शकों पर इन विवादों का कोई असर नहीं पड़ा है।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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