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ईरान संघर्ष के बीच सऊदी अरामको के प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन से नाम वापस लिया

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SamacharToday.co.in - अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन से नाम वापस लिया - Credited by The Economic Times

सऊदी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमीन नासिर ने ईरान के साथ जारी बढ़ते संघर्ष के कारण ह्यूस्टन में होने वाले ‘CERAWeek’ ऊर्जा सम्मेलन में अपनी भागीदारी रद्द कर दी है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक के प्रमुख का यह फैसला खाड़ी क्षेत्र में गहराते ऊर्जा संकट और बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की गंभीरता को दर्शाता है।

मुख्य घटनाक्रम और संघर्ष का प्रभाव

ईरान और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच चल रहा यह संघर्ष अब अपने चौथे सप्ताह में है, जिसमें अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस संकट ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जहाँ से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पाँचवां हिस्सा गुजरता है।

अमीन नासिर, जो आमतौर पर इस वैश्विक सम्मेलन के मुख्य वक्ता होते हैं, ने सऊदी अरब में रहकर ही इस संकट से निपटने का फैसला किया है। उनके अलावा कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के सीईओ शेख नवाफ अल-सबा ने भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने का निर्णय लिया है; वह कुवैत से ही वर्चुअली सम्मेलन में शामिल होंगे।

ऊर्जा केंद्रों पर हमले और उत्पादन में कटौती

अरामको इस समय 2019 के बाद के अपने सबसे बड़े परिचालन संकट का सामना कर रहा है। 19 मार्च को यानबू स्थित SAMREF रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे लोडिंग प्रक्रिया अस्थायी रूप से बाधित हुई। संघर्ष के कारण अरामको ने अपने दो प्रमुख क्षेत्रों से उत्पादन में लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती की है।

क्षेत्रीय स्थिति और भी जटिल हो गई है क्योंकि:

  • कतर: रास लफान एलएनजी कॉम्प्लेक्स पर हुए हमलों से कतर की 17% एलएनजी क्षमता प्रभावित हुई है, जिसे बहाल होने में पाँच साल लग सकते हैं।

  • रणनीतिक बदलाव: होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए अरामको पूर्वी तट से पश्चिमी तट (लाल सागर) तक पाइपलाइनों के जरिए तेल भेज रहा है, लेकिन यह मार्ग भी अब हमलों की जद में है।

वैश्विक बाजार और राजनीतिक प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला, तो उसके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है। अमीन नासिर ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज के रास्ते में रुकावट जारी रहती है, तो वैश्विक तेल बाजारों के लिए इसके “विनाशकारी परिणाम” होंगे।

पिछले साल इसी सम्मेलन में नासिर ने जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाने की योजनाओं की आलोचना की थी, लेकिन इस साल पूरी चर्चा ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को बचाए रखने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।

निष्कर्ष और आगे की राह

सोमवार से शुरू हो रहे CERAWeek सम्मेलन में दुनिया भर के शीर्ष अधिकारी वैश्विक ऊर्जा बाजार के भविष्य पर चर्चा करेंगे। हालांकि, खाड़ी देशों के प्रमुख नेतृत्व की अनुपस्थिति यह स्पष्ट करती है कि वर्तमान प्राथमिकता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बजाय युद्धकालीन प्रबंधन है। आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और अधिक उछाल आने की संभावना है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

देवाशीष पेशे से इंजीनियर हैं और वर्ष 2017 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें 2017 से पत्रकारिता में निरंतर अनुभव प्राप्त है, जिसके आधार पर उन्होंने डिजिटल और समाचार जगत में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विषयों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टि के लिए जाना जाता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), संसद, केंद्र सरकार और नीति-निर्माण से जुड़े मामलों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। उनकी मुख्य रुचि और विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय समाचारों, प्रबंधन, व्यापार (बिज़नेस) और खेल जगत की कवरेज में रही है। इसके साथ ही वे सीमित रूप से राजनीति और न्यूज़ प्लेसमेंट से जुड़े विषयों को भी कवर करते हैं। Samachar Today में देवाशीष का फोकस वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक गतिविधियों, खेल समाचारों और रणनीतिक विषयों पर निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग प्रदान करना है।

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