Commodity Market
शांति की उम्मीदों से सोना-चांदी ईटीएफ में उछाल
मुंबई – भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखी गई, जब मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सिल्वर और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में 7% तक का उछाल आया। कीमती धातुओं में यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और मध्य पूर्व संघर्ष के जल्द समाप्त होने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों के बाद आई है।
टाटा सिल्वर ईटीएफ (Tata Silver ETF) सबसे आगे रहा, जिसमें लगभग 10% की बढ़त देखी गई। वहीं, जेरोधा गोल्ड ईटीएफ (Zerodha Gold ETF) 3% चढ़कर ₹25.72 पर पहुंच गया। बाजार में यह हलचल ऐसे समय में आई है जब निवेशक युद्ध के कारण बढ़ी मुद्रास्फीति (Inflation) के कम होने की उम्मीद कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय और निवेश रणनीति
बाजार विशेषज्ञों ने इस तेजी के बीच निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भिलवारिया एमएफ (BhilwariaMF) के अभिषेक भिलवारिया ने कहा: “2026 के इस अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। जोखिम प्रबंधन के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) या ईटीएफ का उपयोग करना सबसे अच्छा है। संतुलित विविधीकरण के लिए अपने कुल पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं का हिस्सा 5-15% से अधिक न रखें।”
पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण बाजार इस सप्ताह भी अस्थिर रहेगा। उन्होंने छोटे निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त निवेश के बजाय एसआईपी के जरिए धीरे-धीरे सोना और चांदी जमा करें।
बाजार के आंकड़े: घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय
MCX पर अप्रैल 2026 की गोल्ड वायदा ₹1,61,791 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, मई 2026 की चांदी वायदा ₹11,179 (4%) की छलांग लगाकर ₹2,78,339 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना $5,179.52 प्रति औंस पर रहा, जबकि चांदी $89.60 प्रति औंस पर पहुंच गई।
निष्कर्ष: कमोडिटी ईटीएफ का बढ़ता महत्व
भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए ईटीएफ अब भौतिक सोना या चांदी रखने का एक आधुनिक विकल्प बन गया है। इसमें भंडारण की कोई चिंता नहीं होती और इन्हें रीयल-टाइम कीमतों पर आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है। आज की 7% की तेजी यह दर्शाती है कि वैश्विक समाचारों का इन वित्तीय साधनों पर कितनी तेजी से असर पड़ता है।
