सोने-चांदी की चमक फीकी, कीमतों में बड़ी गिरावट

SamacharToday.co.in - दो दिनों की तेजी के बाद सोने-चांदी की चमक फीकी, कीमतों में बड़ी गिरावट - Image Credited by The Indian Express

नई दिल्लीभारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार और बुधवार को दिखी शानदार तेजी गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को थम गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। दो दिनों तक चली ‘सस्ते भाव पर खरीदारी’ (Bargain Hunting) के बाद, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक ब्याज दरों में कटौती की धीमी उम्मीदों के कारण इन सुरक्षित निवेश संपत्तियों ने अपनी बढ़त खो दी।

गुरुवार दोपहर तक, अप्रैल डिलीवरी वाला सोना लगभग 1.40% गिरकर ₹1,51,000 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। वहीं, चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो एक ही सत्र में 6% टूटकर ₹2,52,719 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई।

बाजार का रुख: क्यों गिर रही हैं कीमतें?

5 फरवरी की इस गिरावट ने पिछले दो दिनों की पूरी बढ़त को धो दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस ‘ट्रेंड’ के पीछे मुख्य कारण वैश्विक और घरेलू कारकों का मिश्रण है:

  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर इंडेक्स में उछाल के कारण सोना अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो गया।

  • फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी करने के संकेतों ने निवेशकों को सोने से दूर किया है।

  • नियामक कदम: अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए MCX ने चांदी और सोने के वायदा अनुबंधों (Futures) पर अतिरिक्त मार्जिन शुल्क लगा दिया है।

“कीमती धातुओं में हालिया उतार-चढ़ाव ने व्यापारियों को अधिक सतर्क कर दिया है। डॉलर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर है, जिससे सोना अन्य मुद्राओं में खरीदने वालों के लिए महंगा हो गया है। विभिन्न परिसंपत्तियों में हो रहा नुकसान एक-दूसरे को प्रभावित कर रहा है,” टिम वाटरर, केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक ने कहा।

2026 की अस्थिर शुरुआत

भारतीय बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही है। जनवरी के अंत में सोना ₹1.83 लाख के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जबकि चांदी ₹4 लाख प्रति किलो को पार कर गई थी। 1 फरवरी को पेश हुए केंद्रीय बजट के बाद, सरकार द्वारा आयात शुल्क में कोई बढ़ोतरी न करने और वैश्विक नीतियों में बदलाव के कारण बाजार में मुनाफावसूली (Profit-booking) का दौर शुरू हुआ।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान में, MCX ने बाजार के जोखिम को कम करने के लिए चांदी पर 4.5% और सोने पर 1% का अतिरिक्त मार्जिन लागू कर दिया है। हालांकि मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण लंबी अवधि में सोने का रुख सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन अल्पकालिक तौर पर बाजार में मंदी का दबाव है। खुदरा खरीदार अब शादी-ब्याह के सीजन से पहले कीमतों में और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं।

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