Economy
सोने का डोमेन: सैकड़ों करोड़ में बिका AI.com
नई दिल्ली — 1990 के दशक की शुरुआत में, जब “वर्ल्ड वाइड वेब” केवल मुट्ठी भर कंप्यूटर वैज्ञानिकों तक सीमित एक शब्द था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की अवधारणा केवल विज्ञान कथाओं के पन्नों तक ही सीमित थी, तब अर्सयान इस्माइल नामक एक उद्यमी ने एक ऐसी खरीदारी की, जो तीन दशक बाद डिजिटल रियल एस्टेट की सीमाओं को फिर से परिभाषित करने वाली थी। इस्माइल ने मात्र ₹300 (उस समय के लगभग 11 डॉलर) की मामूली राशि में AI.com डोमेन नाम खरीदा था।
आज, वह छोटा सा निवेश एक चौंका देने वाले सौदे में बदल गया है। तकनीक और वित्त जगत में हलचल मचाने वाली एक खबर के अनुसार, AI.com को कथित तौर पर क्रिस मार्सज़ालक ने ₹634 करोड़ ($75 मिलियन) की भारी-भरकम राशि में खरीद लिया है। यह बिक्री इतिहास के सबसे बड़े डोमेन नाम लेनदेन में से एक है, जो मशीन लर्निंग क्रांति के युग में छोटे और उद्योग-परिभासी डिजिटल पतों के अत्यधिक मूल्य को रेखांकित करती है।
शुरुआती इंटरनेट का एक अवशेष
1993 में, इंटरनेट एक शांत डिजिटल सरहद की तरह था। मोज़ेक (Mosaic) जैसे ब्राउज़र अभी वेब के लिए ग्राफिकल इंटरफ़ेस प्रदान करने की शुरुआत कर रहे थे, और ‘डॉट-कॉम’ पतों में व्यावसायिक रुचि लगभग शून्य थी। दो-अक्षरों वाले डोमेन, जिन्हें आज इंटरनेट का ‘मैनहट्टन रियल एस्टेट’ माना जाता है, उस समय पूरी तरह से नजरअंदाज किए गए थे।
इस्माइल द्वारा ₹300 में AI.com की खरीद भविष्य के एआई उछाल के लिए कोई सोची-समझी चाल नहीं थी; बल्कि यह उस दौर का एक सट्टा निवेश था जब डिजिटल परिदृश्य का नक्शा तैयार किया जा रहा था। लगभग तीस वर्षों तक यह डोमेन निष्क्रिय रहा। यह कभी-कभी एक साधारण रीडायरेक्ट या प्लेसहोल्डर पेज के रूप में उपयोग किया जाता था। एक आम देखने वाले के लिए यह एक डिजिटल जिज्ञासा मात्र थी, लेकिन मालिक के लिए यह एक ऐसी विरासत थी जिसका समय अभी आना बाकी था।
जेनरेटिव एआई (Generative AI) का प्रभाव
2020 के दशक की शुरुआत में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्फोट के साथ AI.com का भाग्य हमेशा के लिए बदल गया। बड़े भाषा मॉडल (LLM) और चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे उपभोक्ता-उन्मुख उपकरणों के उदय ने ‘एआई’ को एक अकादमिक शब्द से वैश्विक घरेलू नाम बना दिया।
जैसे ही अरबों डॉलर का वेंचर कैपिटल एआई स्टार्टअप्स की ओर बढ़ा, डिजिटल ब्रांडिंग की जंग तेज हो गई। डिजिटल अर्थव्यवस्था में संक्षिप्तता ही मुद्रा है। “.com” के साथ दो-अक्षर वाला डोमेन बेजोड़ ब्रांड अधिकार, तत्काल स्मरणीयता और सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है।
वरिष्ठ डिजिटल एसेट एनालिस्ट ध्रुव सिंह कहते हैं, “AI.com जैसा डोमेन केवल एक वेब पता नहीं है; यह एक वैश्विक ध्वज है। एक भीड़भाड़ वाले बाजार में जहां हजारों कंपनियां एआई के क्षेत्र में ‘अगली बड़ी चीज’ बनने की होड़ में हैं, पूरे उद्योग के लिए इस मुख्य कीवर्ड का मालिक होना एक मनोवैज्ञानिक और मार्केटिंग मास्टरस्ट्रोक है।”
बोलियों की जंग और अंतिम सौदा
₹634 करोड़ के इस सौदे की राह कई बड़े नामों की दिलचस्पी से होकर गुजरी। 2023 की शुरुआत में, इस डोमेन ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान तब खींचा जब इसने अस्थायी रूप से ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी पर रीडायरेक्ट करना शुरू किया। हालांकि उस समझौते का विवरण गुप्त रखा गया था, लेकिन इसने संकेत दिया कि दुनिया के सबसे बड़े टेक खिलाड़ी इस पते पर नजर गड़ाए हुए हैं। बाद में, ऐसी खबरें भी आईं कि यह डोमेन एलन मस्क की कंपनी xAI पर रीडायरेक्ट हो रहा था।
हालांकि, क्रिप्टो-डॉट-कॉम (Crypto.com) के सीईओ के रूप में पहचाने जाने वाले क्रिस मार्सज़ालक द्वारा किया गया अंतिम अधिग्रहण, अस्थायी रीडायरेक्शन से स्थायी प्लेटफॉर्म निर्माण की ओर एक बदलाव को दर्शाता है। पिछले ‘किरायेदारों’ के विपरीत, मार्सज़ालक का इरादा AI.com को एक व्यापक, उपभोक्ता-केंद्रित एआई इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने का है।
₹634 करोड़ के मूल्य वाला यह सौदा AI.com को डोमेन बिक्री के उच्चतम स्तर पर ले जाता है, जो Voice.com ($30 मिलियन) और Business.com ($345 मिलियन, कंपनी सहित) जैसे बड़े सौदों को टक्कर देता है।
रणनीतिक रियल एस्टेट के रूप में डोमेन नाम
यह बिक्री 2026 के टेक परिदृश्य में एक बढ़ते रुझान को दर्शाती है: प्रीमियम डोमेन को आईटी खर्च के बजाय रणनीतिक पूंजीगत संपत्ति के रूप में माना जाना। “.com” के साथ केवल 676 संभव दो-अक्षर वाले संयोजन मौजूद हैं। जब वे अक्षर ‘एआई’ जैसे विशाल औद्योगिक बदलाव के साथ मेल खाते हैं, तो उनका मूल्य पारंपरिक मापदंडों से परे चला जाता है।
उद्योग विशेषज्ञ इन डोमेन की तुलना पेरिस के ‘चैम्प्स-एलिसीज़’ या न्यूयॉर्क के ‘फिफ्थ एवेन्यू’ पर एक फ्लैगशिप स्टोर होने से करते हैं। यह प्रदान करता है:
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भरोसा: उपयोगकर्ता एक सरल और सीधे पते पर अधिक भरोसा करते हैं।
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दक्षता: याद रखने में आसान होने के कारण यह ग्राहकों तक पहुँचने की लागत को कम करता है।
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दुर्लभता: दुनिया में दूसरा AI.com कभी नहीं होगा।
पृष्ठभूमि: प्रीमियम डोमेन फ्लिप का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब वेब के शुरुआती दिनों के एक छोटे निवेश ने करोड़ों डॉलर का रिटर्न दिया है।
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Beer.com 1999 में 7 मिलियन डॉलर में बिका था।
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Tesla.com पर स्टुअर्ट ग्रॉसमैन नामक व्यक्ति का 24 वर्षों तक अधिकार था, जिसे एलन मस्क ने आखिरकार 2016 में लगभग 11 मिलियन डॉलर में खरीदा।
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Crypto.com को मूल रूप से 1993 में एक कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर ने पंजीकृत किया था और 2018 में इसे मार्सज़ालक की फर्म को अनुमानित 12 मिलियन डॉलर में बेचा गया था।
हालांकि, इस्माइल की ₹300 की खरीद से ₹634 करोड़ की बिक्री तक की यात्रा अपने मुनाफे के कारण सबसे अलग है—जो कि मूल निवेश का 2 करोड़ गुना से भी अधिक है।
AI.com का भविष्य
जैसे ही इस सौदे की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी हुई है, तकनीकी दुनिया यह देखने को उत्सुक है कि मार्सज़ालक इस प्रीमियम संपत्ति का उपयोग कैसे करेंगे। 2030 तक एआई क्षेत्र के वैश्विक अर्थव्यवस्था में खरबों का योगदान देने की उम्मीद के साथ, ₹634 करोड़ की यह कीमत अंततः एक फायदे का सौदा लग सकती है।
बाकी दुनिया के लिए, इस्माइल की कहानी धैर्य के मूल्य और तकनीकी विकास की अप्रत्याशित प्रकृति की याद दिलाती है। जो 1993 में एक “बेकार” दो-अक्षरों वाला शब्द था, वह आज इस ग्रह की सबसे मूल्यवान डिजिटल चौखट बन गया है।
