Connect with us

Economy

डिजिटल गवर्नेंस की समीक्षा: ऑनलाइन जनसेवाओं का विस्तार

Published

on

SamacharTOday.co.in - डिजिटल गवर्नेंस की समीक्षा ऑनलाइन जनसेवाओं का विस्तार - Ai Generated Image

नई दिल्ली — देश के डिजिटल परिदृश्य के एक व्यापक मध्यावधि मूल्यांकन में, भारत सरकार ने इस सप्ताह अपनी प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस पहलों की प्रगति की समीक्षा पूरी की। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के नेतृत्व में हुई इस समीक्षा में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और नागरिक केंद्रित सेवाओं के क्षेत्रों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की प्रभावशीलता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

जनवरी 2026 तक, भारत $1 ट्रिलियन की डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। समीक्षा इस बात पर जोर देती है कि भारत अब केवल “डिजिटलीकरण” से आगे बढ़कर “इंटेलिजेंट गवर्नेंस” (बुद्धिमान शासन) की ओर बढ़ रहा है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बहुभाषी इंटरफेस का उपयोग डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवा: AI और बहुभाषी पहुँच

समीक्षा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण विकास 19 जनवरी, 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित “चिंतन शिविर” में देखा गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और MeitY के डिजिटल इंडिया भाषिणी (BHASHINI) डिवीजन के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) हुआ। इसका उद्देश्य आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) में AI-संचालित भाषा उपकरणों को जोड़ना है।

वर्तमान में, 85 करोड़ से अधिक नागरिकों के पास आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (ABHA) हैं। हालाँकि, ग्रामीण क्षेत्रों में भाषा की बाधा को एक मुख्य चुनौती माना गया है। भाषिणी के वॉइस-टू-टेक्स्ट और अनुवाद टूल्स के माध्यम से, डॉक्टर अब अपनी मातृभाषा में नोट्स बोल सकेंगे, जिससे इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड स्वतः ही तैयार हो जाएंगे।

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ, श्री अमिताभ नाग ने समीक्षा के दौरान कहा, “भारत जैसे भाषाई विविधता वाले देश में AI को सार्थक बनाने के लिए इसे बहुभाषी और आवाज-सक्षम (voice-enabled) होना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में भाषा की कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।”

शिक्षा: डिजिटल सामग्री से AI साक्षरता तक

शिक्षा क्षेत्र में, समीक्षा का मुख्य केंद्र दीक्षा (DIKSHA) और पीएम ई-विद्या कार्यक्रम का विकास था। जनवरी 2026 तक, दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 31.5 करोड़ से अधिक अपार (APAAR) आईडी पंजीकृत हो चुकी हैं, जो छात्रों के लिए एक अद्वितीय आजीवन शैक्षणिक पहचान है।

सरकार अब केवल पीडीएफ और वीडियो प्रदान करने तक सीमित नहीं है। नए लॉन्च किए गए राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम और ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोर्स को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। समीक्षा में बताया गया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 उन “अटल टिंकरिंग लैब्स” की सफलता को प्रदर्शित करेगा, जो अब लगभग 50,000 सरकारी स्कूलों तक पहुँच चुकी हैं।

नागरिक सेवाएँ: उमंग (UMANG) का विस्तार

उमंग ऐप भारत की “मोबाइल-फर्स्ट” रणनीति का आधार बना हुआ है। समीक्षा में खुलासा हुआ कि इस प्लेटफॉर्म पर अब 80 केंद्रीय विभागों और 30 राज्यों की 1,745 से अधिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। 5.5 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ, इस ऐप ने अब तक 383 करोड़ से अधिक लेनदेन संसाधित किए हैं।

अब सरकार “एंटिटी लॉकर” (Entity Locker) पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो डिजीलॉकर का ही एक विस्तार है। यह छोटे उद्योगों (MSMEs) को अपने सत्यापित दस्तावेजों को डिजिटल रूप से स्टोर और साझा करने की सुविधा देगा, जिससे कागजी कार्रवाई का बोझ कम होगा।

“डिजिटल इंडिया” की यात्रा

2015 में शुरू हुआ डिजिटल इंडिया मिशन तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित था: बुनियादी ढांचा, मांग पर सेवाएं और नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण। पिछले एक दशक में, यह पहल एक कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (भारतनेट) से बदलकर आधार, यूपीआई और डिजीलॉकर जैसे परिष्कृत “इंडिया स्टैक” (India Stack) में तब्दील हो गई है।

जनवरी 2026 तक के आंकड़े एक बदले हुए भारत को दर्शाते हैं:

  • इंटरनेट उपयोगकर्ता: जून 2025 तक 100.28 करोड़ (1 अरब) को पार कर गए।

  • डिजीलॉकर उपयोगकर्ता: लगभग 60 करोड़ तक पहुँच गए हैं, जिसमें 8 अरब दस्तावेज जारी किए गए हैं।

  • वित्तीय समावेशन: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से अब 12 करोड़ से अधिक ग्राहक डिजिटल मॉडल से जुड़े हैं।

चुनौतियां और 2030 की राह

प्रगति के बावजूद, समीक्षा में “अंतिम मील” (last-mile) कनेक्टिविटी और साइबर सुरक्षा को निरंतर चुनौतियों के रूप में चिह्नित किया गया है। यद्यपि 2.14 लाख ग्राम पंचायतें भारतनेट से जुड़ी हैं, लेकिन ग्रामीण स्तर पर सेवा की निरंतरता की निगरानी और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, AI-संचालित धोखाधड़ी से निपटने के लिए सरकार ‘इंडिया एआई साइबरगार्ड एआई हैकाथॉन’ शुरू कर रही है।

बेंगलुरु में जनवरी के अंत में होने वाला इंडिया डिजिटल समिट (IDS) 2026, 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए एक “राष्ट्रीय एआई स्टैक” बनाने पर विस्तार से चर्चा करेगा।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2017-2025 SamacharToday.