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महाकुंभ की ‘मोनालिसा’ ने केरल के मंदिर में फरमान संग रचाया ब्याह

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samacharToday.co.in - महाकुंभ की 'मोनालिसा' ने केरल के मंदिर में फरमान संग रचाया ब्याह - Image Credited by NDTV

तिरुवनंतपुरम – 2025 के महाकुंभ मेले से रातों-रात सोशल मीडिया सनसनी बनी मोनालिसा भोंसले ने बुधवार, 11 मार्च को अपने मुस्लिम प्रेमी फरमान खान के साथ शादी कर ली। यह विवाह केरल के तिरुवनंतपुरम के विझिंजम स्थित एक मंदिर में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। इस अंतरधार्मिक विवाह ने एक बार फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता पर देशव्यापी बहस छेड़ दी है।

मध्य प्रदेश की रहने वाली मोनालिसा और उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय मोहम्मद फरमान (फरमान खान) के इस विवाह को केरल के सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के नेताओं का भरपूर समर्थन मिला। राज्य के नेताओं ने इसे “केरल की धर्मनिरपेक्ष छवि” का प्रमाण बताया है।

पुलिस सुरक्षा और परिवार का विरोध

मोनालिसा के लिए शादी की राह आसान नहीं थी। थंपानूर पुलिस के अनुसार, मोनालिसा अपने पिता के साथ एक फिल्म प्रोजेक्ट की पूजा के लिए शहर आई थीं। वहां उन्होंने पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया कि उनके पिता उन्हें जबरन मध्य प्रदेश वापस ले जाना चाहते हैं ताकि वह फरमान से न मिल सकें।

18 वर्षीय मोनालिसा ने अपनी उम्र से संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपे और बालिग होने के नाते अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार मांगा। परिवार से मिल रही धमकियों के मद्देनजर उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई। पुलिस की मौजूदगी में ही यह विवाह मंदिर की परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ।

द रियल केरल स्टोरी‘ पर राजनीतिक बयानबाजी

इस शादी में केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केरल के धर्मनिरपेक्ष मूल्य ही इस तरह के मिलन को संभव बनाते हैं। वहीं, माकपा (CPI-M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदम ने इस शादी को ‘असली केरल स्टोरी’ (The Real Kerala Story) करार दिया। उन्होंने हालिया विवादित फिल्मों पर तंज कसते हुए कहा कि समुदायों के बीच प्यार और स्वीकार्यता ही केरल की असली पहचान है।

माकपा सांसद ए.ए. रहीम ने इस अवसर पर कहा: “भारत के कई हिस्सों में अंतरधार्मिक विवाह के बारे में सोचना भी मुश्किल है, लेकिन केरल की ताकत यह है कि यहाँ ऐसी शादियाँ बहुत स्वाभाविक और शांतिपूर्ण तरीके से हो सकती हैं।”

कुंभ से फिल्मों तक का सफर

मोनालिसा भोंसले को पहली बार प्रयागराज महाकुंभ 2025 में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने देखा था। उन्होंने मोनालिसा को फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में रोल ऑफर किया था। हालांकि, निर्देशक पर लगे कानूनी आरोपों के बाद वह फिल्म रुक गई। इसके बाद मोनालिसा को मलयालम फिल्म ‘नागम्मा’ में काम मिला, जिसकी शूटिंग और काम के सिलसिले में वह केरल पहुंचीं।

फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहाँ उदारवादी वर्ग इसे व्यक्तिगत पसंद की जीत बता रहा है, वहीं कुछ लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं। फिलहाल, यह नवविवाहित जोड़ा केरल पुलिस की सुरक्षा में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है।

शमा एक उत्साही और संवेदनशील लेखिका हैं, जो समाज से जुड़ी घटनाओं, मानव सरोकारों और बदलते समय की सच्ची कहानियों को शब्दों में ढालती हैं। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों के दिल तक पहुँचने वाली है। शमा का विश्वास है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और परिवर्तन की आवाज़ है। वे हर विषय को गहराई से समझती हैं और सटीक तथ्यों के साथ ऐसी प्रस्तुति देती हैं जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर दे। उन्होंने अपने लेखों में प्रशासन, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को विशेष रूप से उठाया है। उनके लेख न केवल सूचनात्मक होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा भी दिखाते हैं।

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