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बफेट ने गेट्स फाउंडेशन को दान फिलहाल रोका

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बफेट ने गेट्स फाउंडेशन को दान फिलहाल रोका - SamacharToday.co.in

दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने इस वर्ष गेट्स फाउंडेशन को दिए जाने वाले अपने नियमित मध्य-वर्ष (Mid-Year) दान को फिलहाल टाल दिया है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, बफेट फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच कथित संबंधों की समीक्षा रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गेट्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क सुज़मैन ने फाउंडेशन और जेफ्री एपस्टीन के बीच पूर्व में हुए संपर्कों की स्वतंत्र जांच के लिए एक बाहरी समीक्षा शुरू कराई है। इस समीक्षा की रिपोर्ट गर्मियों के दौरान आने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि वॉरेन बफेट इस रिपोर्ट के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही अपने दान को लेकर अंतिम फैसला करेंगे।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि बफेट इस वर्ष के अंत तक या फिर अपने पारंपरिक ‘थैंक्सगिविंग लेटर’ के समय दान से जुड़ा निर्णय ले सकते हैं। हालांकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है।

गेट्स फाउंडेशन हाल के महीनों में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रहा है। जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी ईमेल रिकॉर्ड में एपस्टीन और गेट्स फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों के बीच संवाद का उल्लेख सामने आया था। इसके बाद फाउंडेशन ने पूरे मामले की स्वतंत्र समीक्षा कराने का फैसला लिया।

95 वर्षीय वॉरेन बफेट पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। यह फाउंडेशन दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी संगठनों में शामिल है और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा वैश्विक विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों का संचालन करता है।

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवाद में सामने आने के बाद चर्चा में रहा है। हालांकि उन पर किसी भी प्रकार का आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया है। बिल गेट्स कई बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि एपस्टीन से संबंध रखना उनकी गलती थी और उन्होंने इस पर अफसोस भी जताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने कभी एपस्टीन द्वारा किए गए किसी भी आपराधिक कृत्य को नहीं देखा और न ही वे उसके कथित पीड़ितों के साथ समय बिताने के आरोपों से सहमत हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि वॉरेन बफेट का यह कदम परोपकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व को दर्शाता है। अब बाजार और सामाजिक क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद बफेट अपने दान को लेकर क्या फैसला लेते हैं।

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। समाचार टुडे में अनूप कुमार की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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