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तीरंदाजी विश्व कप स्टेज-4 में भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने जीता रजत पदक
भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने स्पेन के मैड्रिड में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-4 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रिथिका प्रदीप और चीकिथा तनिपार्थी की तिकड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम को कोलंबिया के हाथों 228-232 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
यह पदक इस सीजन के अंतिम वर्ल्ड कप चरण में भारत का पहला पदक है। भारतीय दल को उम्मीद है कि प्रतियोगिता के शेष मुकाबलों में भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में और पदक जोड़ेंगे। भारतीय तीरंदाजों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत मौजूदगी एक बार फिर साबित हुई है।
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय टीम ने शुरुआत से ही कोलंबिया को कड़ी टक्कर दी और कई चरणों में मुकाबला बराबरी का बना रहा। हालांकि निर्णायक क्षणों में कोलंबियाई तीरंदाजों ने अधिक सटीक निशाने लगाए और चार अंकों की बढ़त के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा और अंत तक संघर्ष किया, जिससे उन्हें रजत पदक हासिल हुआ।
भारतीय टीम की अनुभवी तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम ने एक बार फिर अपने अनुभव और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। वहीं युवा तीरंदाज प्रिथिका प्रदीप और चीकिथा तनिपार्थी ने भी अपने प्रदर्शन से साबित किया कि भारत की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है।
भारत के लिए एक और अच्छी खबर यह रही कि किशोर तीरंदाज प्रिथिका प्रदीप ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा के सेमीफाइनल में भी जगह बना ली है। वह सेमीफाइनल में मलेशिया की फातिन नुरफातेहाह मात सालेह का सामना करेंगी। यदि प्रिथिका यह मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं तो उनके पास व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने का अवसर होगा। भारतीय तीरंदाजी प्रेमियों की नजर अब उनके अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।
आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-4 विश्व तीरंदाजी कैलेंडर की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इसमें दुनिया के शीर्ष तीरंदाज हिस्सा लेते हैं और सीजन के अंतिम चरण के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी अहम माना जाता है।
हाल के वर्षों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में लगातार उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने विभिन्न विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतकर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विशेष रूप से महिला कंपाउंड टीम ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत को कई बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव दिलाया है।
भारतीय तीरंदाजी संघ और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस रजत पदक से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मजबूत होगा। आने वाले महीनों में होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय तीरंदाजों से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। वहीं, प्रिथिका प्रदीप के व्यक्तिगत स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के लिए एक और पदक की उम्मीद भी कायम है।
