ईरान की चेतावनी- किसी भी हमले का मिलेगा करारा जवाब

ईरान की चेतावनी- किसी भी हमले का मिलेगा करारा जवाब - SamacharToday.co.in

विदेश मंत्री बोले- ईरान के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने वाले भी होंगे वैध निशाना

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि देश के बुनियादी ढांचे या अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का हमला किया गया तो उसका “शक्तिशाली और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। ईरान ने यह भी कहा कि ऐसे किसी हमले में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले पक्षों को भी वैध लक्ष्य माना जाएगा।

विदेश मंत्री अराघची का सख्त संदेश

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि ईरान की रक्षा नीति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने लिखा, “हमारी रक्षा नीति साफ है- आंख के बदले आंख। ईरान या उसके बुनियादी ढांचे पर किसी भी प्रकार के हमले का शक्तिशाली और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ऐसे हमलों में किसी भी तरह का सहयोग करने वालों को भी वैध लक्ष्य माना जाएगा।”

संसद अध्यक्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर दिया बयान

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि देश की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती तो क्षेत्र में किसी भी देश का ऊर्जा ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जलडमरूमध्य की स्थिति अब युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी और क्षेत्र की सुरक्षा अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के बिना ही संभव है।

प्रेस टीवी का दावा- जलडमरूमध्य अब भी बंद

ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला किया तो ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्र से तेल निर्यात रोकने के साथ-साथ तेल, गैस, बिजली और अन्य आर्थिक ढांचों को भी निशाना बना सकते हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप ने दी थी कड़ी चेतावनी

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमला जारी रखता है तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को इसकी “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी और सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिकी कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।

कूटनीति के लिए अब भी खुला है रास्ता

तनावपूर्ण माहौल के बावजूद अमेरिका ने बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन अब भी वार्ता के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन फिलहाल ईरान गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार दिखाई नहीं देता।

लगातार बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

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