विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए कहा है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद देश की विकास दर मौजूदा 7 से 8 प्रतिशत के स्तर से आगे जा सकती है। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताते हुए सेवाओं, निर्यात और लगातार हो रहे निवेश को इसके प्रमुख आधारों में शामिल किया।
अजय बंगा ने एक साक्षात्कार में कहा कि वैश्विक ऊर्जा दबाव, व्यापार को लेकर अनिश्चितता और अल नीनो के प्रभाव जैसी चुनौतियों के बीच भारत का हालिया आर्थिक प्रदर्शन उसकी आंतरिक आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। उनके मुताबिक, मौजूदा वृद्धि के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आगे भी तेज विस्तार की क्षमता मौजूद है।
बंगा ने भारत में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हो रहे निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश सड़क, पुल, हवाई अड्डे, बिजली, जल व्यवस्था और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम कर रहा है। सेवाओं और निर्यात में वृद्धि के साथ इन निवेश गतिविधियों को भारत की विकास क्षमता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच, अमेरिका के एशविले में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अजय बंगा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और विश्व बैंक समूह के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए क्षेत्र-आधारित और कार्यक्रम-केंद्रित क्रेडिट बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार हुआ। सीतारमण ने भारत में ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नॉलेज हब स्थापित करने को लेकर विश्व बैंक समूह के साथ जारी सहयोग का मुद्दा उठाया।
इस पहल के तहत कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। भारत और विश्व बैंक के बीच सहयोग को मजबूत करने के प्रयास ऐसे समय में हो रहे हैं, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था ऊर्जा कीमतों, व्यापार अनिश्चितताओं और अन्य बाहरी दबावों से जूझ रही है।
बंगा की टिप्पणी ऐसे माहौल में भारत की आर्थिक संभावनाओं पर सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय आकलन के रूप में देखी जा रही है।
