AI आधारित साइबर हमलों से निपटने के लिए सरकार ने बढ़ाई तैयारी

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केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित साइबर हमलों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए देश के साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत किया है। सरकार ने AI आधारित खतरा पहचान प्रणाली, डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा जांच और साइबर खतरे से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था का विस्तार किया है। सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य तेजी से विकसित हो रहे AI आधारित साइबर खतरों के खिलाफ देश की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद में लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन पहलों का उद्देश्य साइबर हमलों के प्रति देश की क्षमता बढ़ाना, घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा को मजबूत करना है।

मंत्री के अनुसार, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने AI आधारित सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम तैनात किए हैं। ये सिस्टम दुर्भावनापूर्ण डोमेन, फिशिंग अभियान और अन्य साइबर खतरों की समय रहते पहचान करने में सक्षम हैं। इसके अलावा सार्वजनिक डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा जांच के लिए AI आधारित वल्नरेबिलिटी असेसमेंट भी सैंडबॉक्स वातावरण में किया जा रहा है।

CERT-In एक स्वचालित साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस एक्सचेंज प्लेटफॉर्म भी संचालित कर रहा है। इसके माध्यम से विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों को उनकी जरूरत के अनुसार साइबर सुरक्षा अलर्ट और खतरे से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि संभावित हमलों को पहले ही रोका जा सके और समय पर सुरक्षा उपाय अपनाए जा सकें।

सरकार ने बताया कि जून और जुलाई के दौरान CERT-In ने “Building Resilience against Frontier AI-driven Cyber Threats” विषय पर 10 साइबर सुरक्षा अभ्यास और ड्रिल आयोजित किए। इनमें 345 सरकारी और निजी संगठनों के 1,470 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन अभ्यासों में बिजली, दूरसंचार, बैंकिंग, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने के लिए सरकार ने Certified Security Professional in Artificial Intelligence (CSPAI) कार्यक्रम भी शुरू किया है। यह कार्यक्रम सितंबर 2024 में CERT-In और SISA के सहयोग से लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा पेशेवरों को AI सिस्टम की सुरक्षा और AI से जुड़े साइबर खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।

पिछले तीन वर्षों के दौरान CERT-In ने कई महत्वपूर्ण सलाह और तकनीकी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें AI आधारित वल्नरेबिलिटी सुरक्षा, जनरेटिव AI के जिम्मेदार उपयोग, डीपफेक से बचाव, AI आधारित साइबर जोखिम प्रबंधन, सॉफ्टवेयर बिल ऑफ मैटेरियल्स तथा स्मार्ट सिटी अवसंरचना के लिए AI सुरक्षा उपायों से जुड़े दिशा-निर्देश शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इन सभी पहलों का उद्देश्य देश में एक सुरक्षित, विश्वसनीय, पारदर्शी और जवाबदेह साइबर स्पेस सुनिश्चित करना है। तेजी से बदलती AI तकनीकों और उनसे जुड़े साइबर खतरों को देखते हुए सरकार भविष्य में भी साइबर सुरक्षा तंत्र को लगातार मजबूत करने पर जोर देती रहेगी। यह जानकारी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 29 जुलाई को लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से साझा की।

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