राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए भाला फेंक स्पर्धा से अच्छी खबर आई है। स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। ग्लासगो में तेज हवाओं के बीच हुए चुनौतीपूर्ण क्वालिफिकेशन राउंड में तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने शीर्ष 12 में स्थान बनाकर पदक की उम्मीदों को मजबूत किया।
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कोई भी खिलाड़ी 84.00 मीटर के स्वचालित क्वालीफाइंग मार्क तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में फाइनल के लिए चयन सर्वश्रेष्ठ 12 प्रदर्शन के आधार पर किया गया, जिसमें भारत के तीनों खिलाड़ी सफल रहे।
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने राष्ट्रमंडल खेलों में दमदार वापसी करते हुए कुल 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया। नीरज ने पहली कोशिश में 76.28 मीटर का थ्रो किया, जबकि दूसरी कोशिश में अपने प्रदर्शन में सुधार किया। फाइनल में जगह सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया।
रोहित यादव ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। उन्होंने पहले प्रयास में 77.04 मीटर का थ्रो किया और दूसरे प्रयास में इसे बढ़ाकर 78.37 मीटर तक पहुंचाया। इस प्रदर्शन के साथ वह क्वालिफिकेशन राउंड में नौवें स्थान पर रहे। फाइनल में स्थान लगभग तय होने के बाद उन्होंने भी अपना अंतिम प्रयास नहीं किया।
भारत की ओर से यश वीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 12 में जगह बनाई। उन्होंने पहले प्रयास में 73.89 मीटर का थ्रो किया और फिर लगातार सुधार करते हुए तीसरे एवं अंतिम प्रयास में 78.36 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ वह दसवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंच गए।
क्वालिफिकेशन राउंड में श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 82.84 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 81.29 मीटर और दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट ने 80.64 मीटर का थ्रो कर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इंग्लैंड के बेन ईस्ट भी 80.38 मीटर के साथ 80 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे।
पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने 78.63 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कैमरून मैकइंटायर 78.91 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।
नीरज चोपड़ा के लिए यह टूर्नामेंट विशेष महत्व रखता है। 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप से पहले लगी कमर की चोट के कारण उनका 2026 सत्र देर से शुरू हुआ था। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले उन्होंने केवल दोहा डायमंड लीग में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो कर चौथा स्थान हासिल किया था।
अब शुक्रवार को होने वाले पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत के तीन खिलाड़ी पदक की दौड़ में उतरेंगे। खेल प्रेमियों की नजर विशेष रूप से नीरज चोपड़ा पर रहेगी, जबकि रोहित यादव और यश वीर सिंह भी मजबूत प्रदर्शन कर भारत के पदक अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
