आंध्र प्रदेश और ऑस्ट्रेलिया ने द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। अमरावती में हुए इस समझौते के तहत दोनों पक्ष स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, समावेशी शिक्षा, छात्र मानसिक स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करना है।
इन समझौतों पर आंध्र प्रदेश के शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश तथा ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, नागरिकता, सीमा शुल्क और बहुसांस्कृतिक मामलों के सहायक मंत्री जूलियन हिल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्षों ने इस सहयोग को भविष्य में आर्थिक और शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
समझौतों में सबसे महत्वपूर्ण पहल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी है। इसके तहत राज्य के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रौद्योगिकी आधारित पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। इस कार्यक्रम को आंध्र प्रदेश स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन और ऑस्ट्रेलिया की संस्था रीबाउंड (Rebound) संयुक्त रूप से लागू करेंगे।
इस परियोजना के माध्यम से छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संसाधन, वेलनेस आकलन उपकरण और वर्चुअल काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यक्रम में छात्रों की गोपनीयता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उन्हें समय पर परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
समझौते से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने, जिसका नेतृत्व जूलियन हिल कर रहे थे, अमरावती में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी दी। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और निवेशकों को राज्य में निवेश बढ़ाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा विस्तृत करने के लिए आमंत्रित किया।
बैठक के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक विनिर्माण, कौशल विकास और उच्च शिक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। राज्य सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
आंध्र प्रदेश सरकार लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने और वैश्विक संस्थानों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए ये चार समझौते राज्य के विकास एजेंडा को नई गति देने के साथ-साथ शिक्षा, नवाचार, तकनीकी सहयोग और आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा छात्रों और उद्योग जगत को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
