अमेरिकी अदालत ने विदेशी छात्रों के लिए ट्रंप नियम रोका

अमेरिकी अदालत ने विदेशी छात्रों के लिए ट्रंप नियम रोका - SamacharToday.co.in

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन के उस नए नियम पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें विदेशी छात्रों और पत्रकारों के अमेरिका में रहने की अवधि पर कड़े प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए थे। मैसाचुसेट्स के एक जिला न्यायाधीश के फैसले से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है। अदालत ने माना कि इस नीति को लागू करने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उच्च शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।

ट्रंप प्रशासन ने इस नियम को जुलाई में अंतिम रूप दिया था। प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के वीजा की अवधि अधिकतम चार साल तक सीमित करने की योजना थी। इसके अलावा विदेशी पत्रकारों को अमेरिका में अधिकतम 240 दिनों तक रहने की अनुमति देने का प्रस्ताव था।

चीनी पत्रकारों के लिए और कम अवधि

नए नियम में चीन के पत्रकारों के लिए अलग और अधिक सख्त प्रावधान रखा गया था। उनके अमेरिका में रहने की अवधि अधिकतम 90 दिनों तक सीमित करने का प्रस्ताव था। इससे विदेशी मीडिया कर्मियों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समुदाय के बीच चिंता बढ़ी थी।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत छात्र और पत्रकार अपनी निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद अमेरिका में रहने के लिए विस्तार का आवेदन कर सकते थे। हालांकि, ऐसे आवेदनों को मंजूरी देने का अधिकार होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अधिकारियों के विवेक पर निर्भर रहता।

अपील की व्यवस्था नहीं थी

नियम में विस्तार का आवेदन खारिज होने की स्थिति में अपील के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं दी गई थी। इसी वजह से नीति के प्रभाव और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए।

अदालत के अंतरिम फैसले से फिलहाल प्रस्तावित अवधि संबंधी बदलाव लागू नहीं हो पाएंगे। न्यायाधीश ने इस नीति के संभावित आर्थिक और उच्च शिक्षा संबंधी प्रभावों को गंभीरता से लिया है।

अमेरिका में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययन करते हैं, जबकि विदेशी पत्रकार अमेरिकी गतिविधियों और नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। ऐसे में रहने की अवधि पर सख्त सीमाएं दोनों समूहों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *