भारत का वस्तु व्यापार घाटा अगस्त में घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 27.20 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, निर्यात में आयात की तुलना में तेज वृद्धि होने से व्यापार घाटे में कमी आई। जुलाई में करीब 32 अरब डॉलर के मुकाबले अगस्त में घाटा क्रमिक आधार पर भी कम हुआ।
अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.18 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य सचिव ने बताया कि निर्यात वृद्धि में इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका रही। अमेरिका, यूरोपीय संघ और BRICS अर्थव्यवस्थाओं से मजबूत मांग को भी निर्यात बढ़ने की वजह बताया गया।
सोने के आयात में बड़ी गिरावट
व्यापार घाटा कम होने में सोने के आयात में आई तेज गिरावट का भी योगदान रहा। अगस्त में सोने का आयात केवल 2.3 अरब डॉलर रहा, जबकि अगस्त 2025 में यह 5.4 अरब डॉलर था। यानी एक साल में सोने के आयात में आधे से भी ज्यादा की कमी आई।
चालू खाते का घाटा 0.5% GDP
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा 4.2 अरब डॉलर यानी GDP का 0.5 प्रतिशत रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुमानित 0.4 प्रतिशत था। पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल, LPG और उर्वरकों की वैश्विक कीमतें बढ़ने के बावजूद यह स्थिति रही।
विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया रिकॉर्ड
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई। 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके साथ भारत रूस को पीछे छोड़कर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश बन गया। चीन, जापान और स्विट्जरलैंड भारत से आगे हैं।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से RBI को रुपये में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान बाजार में हस्तक्षेप करने की अधिक क्षमता मिलती है। केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर स्पॉट और फॉरवर्ड बाजारों के जरिए डॉलर की तरलता उपलब्ध कराकर मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को सीमित कर सकता है।
