लद्दाख के हानले स्थित इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी में 7 से 12 सितंबर तक आयोजित हानले डार्क स्काई रिजर्व (HDSR) स्टार पार्टी के चौथे संस्करण में देशभर के खगोल प्रेमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ एस्ट्रोफोटोग्राफर और शौकिया खगोलविद शामिल हुए, जिन्होंने हानले के बेहद अंधेरे आसमान के नीचे तारों और खगोलीय पिंडों का अवलोकन और फोटोग्राफी की।
स्टार पार्टी में चंडीगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से करीब 40 शौकिया खगोलविद पहुंचे। प्रतिभागी अपने उन्नत उपकरणों के साथ लेह पहुंचे और चार रातों तक हानले के साफ और प्रकाश प्रदूषण से अपेक्षाकृत मुक्त आसमान का अनुभव किया।
इस आयोजन का संयुक्त आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA), केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के वन्यजीव संरक्षण विभाग, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) ने किया।
ओपन नाइट में पहुंचे 1,200 से अधिक लोग
10 सितंबर को स्थानीय समुदाय और पर्यटकों के लिए आयोजित ओपन नाइट में 1,200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। स्टार पार्टी के प्रतिभागियों, HDSR एस्ट्रोनॉमी एंबेसडरों और ऑब्जर्वेटरी कर्मचारियों ने विशेष रूप से लगाए गए टेलीस्कोप के जरिए लोगों को रात के आसमान का अवलोकन कराया और उनके सवालों के जवाब दिए। अधिकारियों को भी प्रकाश प्रदूषण कम करने की जरूरत के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान 25 स्थानीय ग्रामीणों से बने HDSR एस्ट्रोनॉमी एंबेसडरों के लिए हर शाम प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। ये एंबेसडर पिछले तीन वर्षों से पर्यटकों के लिए एस्ट्रोनॉमी टूर संचालित करने के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।
डार्क स्काई संरक्षण पर जोर
दिसंबर 2022 में लद्दाख प्रशासन द्वारा अधिसूचित HDSR वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एस्ट्रो-टूरिज्म और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की पहल से जुड़ा है। हानले में प्रस्तावित 3.7 मीटर अपग्रेडेड हिमालयन चंद्र टेलीस्कोप और 13.7 मीटर नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड टेलीस्कोप को देखते हुए विशेषज्ञों ने क्षेत्र के अंधेरे आसमान को संरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया।
