टीसीएस और आईटी शेयरों में तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। लगातार दो कारोबारी सत्रों में भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने वापसी की। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 292 अंक चढ़कर 71,876.10 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 84.60 अंक की बढ़त के साथ 22,310.40 पर कारोबार कर रहा था।

टीसीएस के नतीजों से आईटी शेयरों को मिला समर्थन

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टीसीएस के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कंपनी ने शुद्ध मुनाफे में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13,884 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया। कंपनी की ओर से आगे भी कारोबारी वृद्धि की गति बने रहने का संकेत दिए जाने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

टीसीएस के अलावा इंफोसिस, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। अदाणी पोर्ट्स और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी तेजी रही। आईटी कंपनियों में खरीदारी ने शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों को ऊपर उठाने में मदद की।

हालांकि, बाजार में सभी प्रमुख शेयरों में तेजी नहीं रही। इटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

पिछले सत्र में बाजार में आई थी भारी गिरावट

शुक्रवार की तेजी से पहले गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत टूटकर 71,593.24 पर बंद हुआ था। वहीं, एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 22,231.80 पर आ गया था।

दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को शुरुआती राहत दी। हालांकि, शुरुआती कारोबार के आंकड़ों से पूरे दिन बाजार की दिशा का अनुमान लगाना संभव नहीं है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.11 प्रतिशत गिरकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, बाजार पर इसका वास्तविक प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है, जिनमें रुपये की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुख शामिल हैं।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत

एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई 225 और चीन का SSE कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त पर था। इससे क्षेत्रीय बाजारों में एकसमान रुझान नहीं दिखाई दिया।

इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेतों में शामिल रहता है, क्योंकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय परिस्थितियां घरेलू बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर भी नजर

एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार से 12,943.58 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। विदेशी निवेशकों की इतनी बड़ी बिकवाली बाजार में दबाव का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त के बावजूद निवेशकों की नजर विदेशी निवेश के रुझान, वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर बनी रहेगी। शुरुआती तेजी से बाजार को राहत जरूर मिली, लेकिन आगे की दिशा इन कारकों के साथ-साथ दिनभर की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी।

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