भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्टूबर के दौरान तेजी दर्ज की गई। नए कारोबार और घरेलू मांग में मजबूती के चलते सर्विस सेक्टर की वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। HSBC इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर के 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 पर पहुंच गया। यह सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों के विस्तार का संकेत देता है।
S&P Global की ओर से संकलित ताजा आंकड़ों के अनुसार, नए ग्राहकों के जुड़ने और प्रभावी विज्ञापन गतिविधियों ने कारोबार में वृद्धि को समर्थन दिया। अक्टूबर में बिक्री की रफ्तार जून के बाद सबसे तेज रही। इस दौरान घरेलू मांग सेवा क्षेत्र की बिक्री में बढ़ोतरी का प्रमुख आधार बनी रही।
नए कारोबार और घरेलू मांग से सर्विस सेक्टर को मजबूती
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में सर्वेक्षण में शामिल सेवा क्षेत्र की चारों प्रमुख श्रेणियों में नए कारोबार और उत्पादन की वृद्धि दर तेज हुई। इससे संकेत मिलता है कि सेवा अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों में कारोबारी गतिविधियों का विस्तार हुआ।
फाइनेंस और इंश्योरेंस क्षेत्र ने इस वृद्धि में सबसे आगे रहकर योगदान दिया। नए ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी और सफल विज्ञापन अभियानों ने कंपनियों को अधिक कारोबार हासिल करने में मदद की।
घरेलू बाजार से मिलने वाली मांग अक्टूबर में बिक्री वृद्धि का मुख्य आधार रही। इससे सेवा प्रदाताओं को नए व्यावसायिक अवसर मिले और कुल कारोबारी गतिविधियों में तेजी आई।
लागत का दबाव छह साल से अधिक समय के निचले स्तर पर
HSBC की रिपोर्ट में सेवा प्रदाताओं के लिए लागत संबंधी दबाव में कमी को भी सकारात्मक संकेत बताया गया है। अक्टूबर में इनपुट कीमतों में वृद्धि की रफ्तार छह साल से अधिक समय के सबसे धीमे स्तर पर रही।
कंपनियों के लिए कच्चे माल, सेवाओं और अन्य कारोबारी जरूरतों की लागत में अपेक्षाकृत कम तेजी दर्ज की गई। इससे सेवा क्षेत्र की कंपनियों को कुछ राहत मिली।
इसके साथ ही ग्राहकों से वसूली जाने वाली कीमतों में बढ़ोतरी की गति भी धीमी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, सेवा प्रदाताओं की ओर से ग्राहकों के लिए निर्धारित कीमतों में वृद्धि जून के बाद सबसे कमजोर स्तर पर रही।
कंपोजिट PMI भी चार महीने के उच्चतम स्तर पर
सेवा क्षेत्र के साथ-साथ भारत की समग्र निजी क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों में भी सुधार दर्ज किया गया। HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 पर पहुंच गया।
यह चार महीने में कुल उत्पादन और कारोबारी गतिविधियों की सबसे तेज वृद्धि को दर्शाता है। कंपोजिट PMI में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को शामिल किया जाता है।
घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
अक्टूबर के आंकड़ों में नए कारोबार, घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र के उत्पादन में तेजी के संकेत मिले हैं। इसके अलावा, इनपुट लागत और ग्राहकों से वसूली जाने वाली कीमतों में वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने से कंपनियों को कुछ राहत मिली है।
सेवा क्षेत्र का PMI बढ़कर 55.8 और कंपोजिट PMI 56.2 पर पहुंचना भारत की कारोबारी गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। दोनों सूचकांक अक्टूबर में चार महीने के उच्चतम स्तर पर रहे।
