यमन के अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, सऊदी गठबंधन ने यानबू की ओर आ रही मिसाइल रोकी

यमन के अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, सऊदी गठबंधन ने यानबू की ओर आ रही मिसाइल रोकी - SamacharToday.co.in

यमन के अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को मिसाइलें गिरीं, जबकि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने लाल सागर के तटीय शहर यानबू की ओर बढ़ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया। यानबू सऊदी अरब का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है, जहां से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे बिना लाल सागर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कच्चा तेल पहुंचाया जा सकता है।

सैन्य गठबंधन के मुताबिक, उसने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र तथा रियाद क्षेत्र में तीन ड्रोन को भी नष्ट किया। गठबंधन ने इन हमलों के लिए जिम्मेदार पक्ष की पहचान नहीं की।

अदन एयरपोर्ट पर एक सप्ताह में दूसरी बार हमला

दक्षिणी यमन स्थित अदन के सुरक्षा विभाग ने बताया कि शुक्रवार को दो मिसाइलें हवाई अड्डे के परिसर में गिरीं। विभाग ने हमले के लिए ईरान समर्थित हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया। उसके अनुसार, एक सप्ताह से भी कम समय में इस हवाई अड्डे को दूसरी बार निशाना बनाया गया है। हालांकि, हूतियों ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली।

सुरक्षा विभाग ने कहा कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जिस समय मिसाइलें गिरीं, उस दौरान काहिरा जाने वाली यमनिया एयरवेज की एक उड़ान उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी।

यानबू तेल निर्यात के लिए अहम केंद्र

सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर स्थित यानबू देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है। यहां से सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कच्चा तेल भेज सकता है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम होती है।

फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर आवाजाही को काफी हद तक बाधित कर रखा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है।

शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह मई के बाद का उच्चतम स्तर बताया गया।

सऊदी अरब के कई क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट

शनिवार तड़के सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने यमन सीमा के निकट दक्षिण-पश्चिमी शहर आभा के लिए अलर्ट जारी किया, जिसे बाद में हटा लिया गया। इससे पहले जाजान क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत में भी चेतावनी जारी की गई थी।

पिछले महीने लड़ाई दोबारा शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों में ऐसे अलर्ट बार-बार जारी किए जा रहे हैं।

शनिवार सुबह हूतियों से जुड़े मीडिया ने यमन के उत्तर-पश्चिमी शहर सादा के पूर्व में हमलों की खबर दी। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने इस क्षेत्र में दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है।

यमन में संघर्ष से मानवीय संकट गहराने की आशंका

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूतियों के बीच लड़ाई तेज होने से देश में मानवीय संकट और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि हालात तेजी से खराब हो रहे हैं।

यमन संघर्ष अब ईरान युद्ध के व्यापक क्षेत्रीय टकराव का एक और मोर्चा बन गया है। हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था और मान्यता प्राप्त सरकार को दक्षिण की ओर जाने के लिए मजबूर किया था। इसके अगले वर्ष सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। लंबे समय तक संघर्ष गतिरोध में रहने के बाद 2022 में युद्धविराम हुआ, जो इस वर्ष तक कायम रहा।

संघर्ष दोबारा भड़कने के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हाल के दिनों में उन्होंने यमन के सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भी हमले किए हैं, जिनमें अदन एयरपोर्ट और अंतरिम राजधानी में स्थित राष्ट्रपति महल शामिल हैं।

हूतियों ने नागरिकों की मौत का दावा किया

हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को दावा किया कि 3 सितंबर से तनाव बढ़ने के बाद से सऊदी अरब की कथित आक्रामक कार्रवाई में 124 नागरिकों की मौत हुई है और 327 लोग घायल हुए हैं।

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