सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंका से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर है।
MCX पर सोने का वायदा भाव गिरकर 1,44,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी का वायदा भाव घटकर 2,03,520 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोने की कीमत में 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 7,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी दबाव की आशंका
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। यदि तेल महंगा बना रहता है, तो इसका असर व्यापक कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर भी पड़ता है। निवेशक मौद्रिक नीति के संकेतों और महंगाई के रुझान को देखते हुए अपने निवेश संबंधी फैसले लेते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत फिसलकर 4,016.27 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत घटकर 53.98 डॉलर प्रति औंस रह गई।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। हालांकि, भारत में सोने और चांदी के भाव पर रुपये-डॉलर विनिमय दर, आयात लागत और घरेलू मांग जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
अमेरिकी फेड की बैठक और महंगाई के आंकड़ों पर नजर
निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर केंद्रित है। इन संकेतों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जा सकता है।
यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सोने जैसी ऐसी परिसंपत्तियों पर दबाव बना रह सकता है जिनसे नियमित ब्याज आय नहीं मिलती। दूसरी ओर, महंगाई के आंकड़े और केंद्रीय बैंक के नीतिगत संकेत बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए अहम रहेगा बाजार का अगला रुख
सोने और चांदी में आई गिरावट के बीच बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ब्याज दरों की संभावनाओं और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, दोनों धातुओं में कमजोरी दर्ज की गई है, जबकि निवेशक अमेरिकी फेड के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
