IBM AI प्रभाव से दबा सॉफ्टवेयर कारोबार, शेयर 25% टूटे

IBM AI प्रभाव से दबा सॉफ्टवेयर कारोबार, शेयर 25% टूटे - SamacharToday.co.in

अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी IBM ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते विस्तार ने कंपनियों के आईटी खर्च का रुख बदल दिया है, जिससे उसके सॉफ्टवेयर कारोबार पर अपेक्षा से अधिक दबाव पड़ा है। कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए कमजोर आय और राजस्व का अनुमान जारी किया है। इसके बाद मंगलवार को IBM के शेयरों में करीब 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो 1987 के “ब्लैक मंडे” के बाद कंपनी की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट मानी जा रही है। IBM की चेतावनी के बाद माइक्रोसॉफ्ट, सेल्सफोर्स, सर्विसनाउ और इंट्यूट जैसी प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को लिखे पत्र में बताया कि जून के अंतिम सप्ताह में कई ग्राहकों ने अपने पूंजीगत निवेश (Capex) का बड़ा हिस्सा सॉफ्टवेयर से हटाकर सर्वर, स्टोरेज, मेमोरी और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद पर खर्च करना शुरू कर दिया। इसका मुख्य कारण AI से जुड़ी बढ़ती मांग और भविष्य में संभावित कीमतों में बढ़ोतरी से पहले आवश्यक हार्डवेयर सुरक्षित करना था।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा खर्च, सॉफ्टवेयर कारोबार प्रभावित

अरविंद कृष्णा ने कहा कि कंपनी ने सप्लाई चेन से जुड़ी कुछ चुनौतियों का अनुमान लगाया था, लेकिन ग्राहकों द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजीगत खर्च को AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर मोड़ने की स्थिति उम्मीद से कहीं अधिक गंभीर साबित हुई। उन्होंने बताया कि कई बड़े कारोबारी सौदे तय समय पर पूरे नहीं हो सके, जिससे दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ा।

IBM ने कहा कि सबसे अधिक कमजोरी उसके मेनफ्रेम कारोबार में देखने को मिली। यह कारोबार बैंकिंग, एयरलाइन और अन्य बड़े उद्योगों के लिए ऐसे हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराता है, जो प्रतिदिन लाखों वित्तीय और व्यावसायिक लेनदेन को संभालते हैं।

साइबर सुरक्षा पर कंपनियों का बढ़ा फोकस

कंपनी ने यह भी बताया कि AI तकनीक के तेजी से विकसित होने के साथ साइबर हमलों का जोखिम भी बढ़ा है। विशेष रूप से Anthropic के उन्नत AI मॉडल Mythos के आने के बाद कई कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर और एन्क्रिप्शन सिस्टम की कमजोरियों को लेकर चिंता जताई है।

इसी कारण अब बड़ी कंपनियां AI परियोजनाओं के साथ-साथ साइबर सुरक्षा पर भी अधिक निवेश कर रही हैं। इससे पारंपरिक एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर पर होने वाला खर्च प्रभावित हुआ है।

दूसरी तिमाही के लिए कमजोर अनुमान

IBM ने अनुमान लगाया है कि दूसरी तिमाही में उसका राजस्व केवल 1 प्रतिशत बढ़कर 17.2 अरब डॉलर रहेगा, जबकि बाजार विश्लेषकों ने लगभग 17.86 अरब डॉलर के राजस्व का अनुमान लगाया था। वहीं समायोजित प्रति शेयर आय (Adjusted EPS) 2.93 डॉलर रहने का अनुमान है, जो बाजार के 3.02 डॉलर के अनुमान से कम है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च लंबे समय तक जारी रहा, तो पूरी सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री पर इसका असर पड़ सकता है।

क्वांटम कंप्यूटिंग पर बढ़ा निवेश

निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए IBM ने अपनी क्वांटम कंप्यूटिंग रणनीति पर भी जोर दिया। कंपनी ने बताया कि वह 2029 तक दुनिया का पहला बड़े पैमाने का क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर रही है।

हालांकि कंपनी ने स्वीकार किया कि क्वांटम कंप्यूटिंग और OpenAI सहित अन्य AI साझेदारियों से जुड़े प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में हैं और फिलहाल वे सॉफ्टवेयर एवं मेनफ्रेम कारोबार में आई कमजोरी की भरपाई करने की स्थिति में नहीं हैं।

22 जुलाई को आएंगे तिमाही नतीजे

IBM अपने दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम 22 जुलाई को जारी करेगी। बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्लाउड सेवाओं के जरिए अपने कारोबार को कितनी तेजी से संतुलित कर पाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारी निवेश वैश्विक टेक कंपनियों की रणनीति और सॉफ्टवेयर उद्योग की विकास दर को प्रभावित कर सकता है।

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