अगले 5 दिनों तक उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट: IMD

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

आकाशवाणी समाचार से बातचीत में आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश ने बताया कि अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में 12 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से असम के लिए आज रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का अर्थ है कि अत्यधिक भारी वर्षा के कारण बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और सामान्य जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. नरेश ने कहा कि उत्तर पंजाब और उत्तर हरियाणा के कई हिस्सों में भी आज भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शाम या देर शाम तक हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

आईएमडी के अनुसार, अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि फिलहाल बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में कोई प्रभावी कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) विकसित नहीं हुआ है। ऐसे मौसमीय तंत्र की अनुपस्थिति के कारण इन क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रह सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की तीव्रता और वितरण काफी हद तक कम दबाव के क्षेत्रों और मानसूनी ट्रफ की स्थिति पर निर्भर करता है। जब ऐसे तंत्र सक्रिय नहीं होते, तब कई राज्यों में वर्षा की मात्रा सामान्य से कम रह जाती है। हालांकि, स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

डॉ. नरेश ने यह भी बताया कि एल नीनो (El Niño) की परिस्थितियों का असर अब देश के मानसून पर दिखाई देने लगा है। इसके कारण पूरे देश में अब तक हुई कुल मानसूनी वर्षा सामान्य स्तर से नीचे चली गई है। एल नीनो एक वैश्विक मौसमीय घटना है, जो प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव के कारण उत्पन्न होती है और इसका प्रभाव भारत सहित कई देशों के मानसून पर पड़ता है। इसके चलते कई बार वर्षा का वितरण असंतुलित हो जाता है और कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जाती है।

आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और चेतावनियों पर लगातार नजर रखें। विशेष रूप से भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नई चेतावनियां जारी की जाएंगी।

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