भारत का ‘सफेद सोना’ बना वैश्विक कपास बाजार की ताकत

भारत का ‘सफेद सोना’ बना वैश्विक कपास बाजार की ताकत - SamacharToday.co.in

खेती के क्षेत्र में दुनिया में पहले, उत्पादन में दूसरे स्थान पर भारत

नई दिल्ली, 20 जुलाई: भारत वैश्विक कपास उद्योग में अपनी मजबूत स्थिति लगातार बनाए हुए है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, कपास की खेती के क्षेत्रफल के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर, जबकि उत्पादन और खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2025-26 के दौरान देश का अनुमानित कपास उत्पादन 290.91 लाख गांठ (बेल) रहने का अनुमान है, जबकि घरेलू खपत 328 लाख गांठ आंकी गई है। वैश्विक फाइबर उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत है।

सरकार का लक्ष्य 2031 तक उत्पादन बढ़ाना

केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में उत्पादकता, गुणवत्ता, बाजार पहुंच और मूल्य संवर्धन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से सुरक्षा दी जा रही है। वहीं मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी के तहत वर्ष 2031 तक कपास उत्पादन 498 लाख गांठ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार के अनुसार, तकनीकी प्रदर्शन, डिजिटल खरीद प्रणाली और ट्रेसबिलिटी जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से कपास की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।

लाखों किसानों और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार

आर्थिक महत्व के कारण कपास को भारत का ‘सफेद सोना’ कहा जाता है। देश में करीब 114.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की खेती होती है, जिससे लगभग 60 लाख किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा कपास प्रसंस्करण, व्यापार और वस्त्र उद्योग से जुड़े 4 से 5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। 

कपास और उससे बने धागे, कपड़े तथा परिधानों का निर्यात भी देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने का महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है।

अमेरिका बना भारतीय कपास उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत ने लगभग 18 लाख गांठ (0.31 मिलियन मीट्रिक टन) कपास का निर्यात किया, जो वैश्विक कपास निर्यात का करीब 3.37 प्रतिशत है। मूल्य के आधार पर कपास निर्यात 11.49 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

भारतीय कपास से बने कपड़े और अन्य उत्पादों के सबसे बड़े खरीदार अमेरिका रहे, जिनकी हिस्सेदारी 26.35 प्रतिशत रही। इसके बाद बांग्लादेश (19.81%), श्रीलंका (5.11%), यूनाइटेड किंगडम (2.38%) और संयुक्त अरब अमीरात (2.32%) प्रमुख निर्यात गंतव्यों में शामिल रहे।

इन राज्यों में होती है सबसे अधिक कपास की खेती

देश में कपास की खेती मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में होती है। इसके अलावा ओडिशा और तमिलनाडु में भी कपास का उत्पादन किया जाता है। सरकार का कहना है कि नई योजनाओं और आधुनिक तकनीकों के जरिए कपास क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने तथा भारत को वैश्विक कपास बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *