एमवी गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने दर्ज कराया विरोध
भारत सरकार ने 19 जुलाई 2026 को वाणिज्यिक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत के बाद रूस के कार्यवाहक राजदूत (Chargé d’Affaires) व्लादिमीर लादानोव को विदेश मंत्रालय (MEA) तलब किया। भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, स्थिरता और निर्बाध संचालन के लिए गंभीर खतरा बताया।
भारत ने जताई गहरी चिंता
विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक को स्पष्ट रूप से बताया कि निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाले इस तरह के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। भारत ने इस घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
रूस से सख्त संदेश पहुंचाने का आग्रह
विदेश मंत्रालय ने रूसी कार्यवाहक राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत की कड़ी आपत्तियों और चिंताओं को तत्काल अपनी सरकार तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और निर्दोष नागरिकों की जान जाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है तथा भविष्य में ऐसे हमलों से हर हाल में बचा जाना चाहिए।
समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर दिया जोर
भारत ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुद्री जहाजों पर बढ़ते हमले न केवल व्यापार को प्रभावित करते हैं, बल्कि विभिन्न देशों के नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, कानून के शासन और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने रुख पर कायम है तथा इस दिशा में सभी आवश्यक कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।
