मानसून में इन खाद्य पदार्थों से बचें, संक्रमण का खतरा घटाएं

मानसून में इन खाद्य पदार्थों से बचें, संक्रमण का खतरा घटाएं - SamacharToday.co.in

बरसात में सही खानपान अपनाकर फूड पॉइजनिंग और मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है

मानसून की बारिश गर्मी से राहत जरूर दिलाती है, लेकिन यही मौसम बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवियों के तेजी से पनपने के लिए भी अनुकूल माना जाता है। अधिक नमी, दूषित पानी और भोजन के गलत तरीके से भंडारण के कारण इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, पेट के संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी तरह बीमारी से बचाने वाला कोई एक खाद्य पदार्थ नहीं है, लेकिन सही खानपान और स्वच्छता अपनाकर संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पत्तेदार सब्जियां और स्ट्रीट फूड से रखें दूरी

विशेषज्ञों के अनुसार पालक, मेथी, पत्ता गोभी और लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियों में बारिश के दौरान मिट्टी, कीट और सूक्ष्म जीव चिपके रहने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में लौकी, कद्दू, गाजर, बीन्स जैसी अच्छी तरह पकाई जाने वाली सब्जियों का सेवन बेहतर माना जाता है।

इसके अलावा पानीपुरी, चाट, पकौड़े, सैंडविच और अन्य स्ट्रीट फूड से भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ कई बार दूषित पानी या अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

कटे फल, कच्चा मांस और खुले जूस से सावधान

लंबे समय तक खुले में रखे कटे हुए फल, सलाद और ताजे जूस भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञ पूरे फल खरीदकर उन्हें अच्छी तरह धोने और खाने से ठीक पहले काटने की सलाह देते हैं। इसी तरह कच्चा या अधपका मांस, चिकन और समुद्री भोजन भी बैक्टीरिया और परजीवियों का स्रोत बन सकते हैं। मानसून में हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाना चाहिए।

बचा हुआ खाना सही तरीके से रखें

बारिश के मौसम में पका हुआ भोजन कमरे के तापमान पर ज्यादा देर रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए बचा हुआ खाना तुरंत फ्रिज में रखें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें।

विशेषज्ञ जंगली मशरूम खाने से भी बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि कई जहरीले मशरूम खाने योग्य मशरूम जैसे दिखाई देते हैं। केवल विश्वसनीय स्रोत से खरीदे गए मशरूम का ही उपयोग करें।

अंकुरित अनाज और तली-भुनी चीजें भी सीमित मात्रा में खाएं

अंकुरित अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन अंकुरण के दौरान बनने वाला गर्म और नम वातावरण साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया के पनपने के लिए भी अनुकूल हो सकता है। ऐसे में अंकुरित अनाज को हल्की भाप देकर या पकाकर खाना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
इसके अलावा बारिश के मौसम में तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन अपच, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। इसलिए संतुलित और घर का ताजा भोजन स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है।

स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सही भोजन चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि भोजन की स्वच्छता भी उतनी ही जरूरी है। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोना, उबला या शुद्ध पानी पीना, ताजा भोजन करना, जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को फ्रिज में रखना, एक्सपायरी डेट जांचना और भोजन बनाने या खाने से पहल हाथ धोना संक्रमण से बचाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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