बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव, मिडकैप-स्मॉलकैप में रही मजबूती
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा बैंकिंग एवं वित्तीय शेयरों में बिकवाली के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 443 अंक (0.57%) गिरकर 77,708.52 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 96 अंक (0.39%) फिसलकर 24,238.50 पर आ गया।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बनी गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और मारुति सुजुकी इंडिया प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता के कारण इन शेयरों में बिकवाली बढ़ी।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.60% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.16% चढ़ा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में बनी हुई है।
इन सेक्टरों का प्रदर्शन रहा अलग-अलग
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी फार्मा और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और बाजार को आंशिक सहारा दिया।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेगी। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं।
