ग्लासगो में 74 देशों के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा, 125 सदस्यीय भारतीय दल उतरेगा मैदान में
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज आज से होने जा रहा है। 10 दिनों तक चलने वाले इस बहु-खेल आयोजन में 74 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन सहित कई स्टार खिलाड़ी पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे।
सिर्फ 10 खेलों में होगा मुकाबला
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का प्रारूप पहले की तुलना में काफी छोटा रखा गया है। बर्मिंघम 2022 के मुकाबले इस संस्करण में नौ खेल कम कर दिए गए हैं। प्रतियोगिताएं ग्लासगो के केवल चार प्रमुख स्थलों पर आयोजित होंगी, जो लगभग आठ मील के दायरे में स्थित हैं।
गेम्स में एथलेटिक्स, तैराकी, 3×3 बास्केटबॉल, ट्रैक साइक्लिंग, वेटलिफ्टिंग, लॉन बॉल्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल, मुक्केबाजी और जूडो सहित कुल 10 खेल शामिल हैं।
125 सदस्यीय भारतीय दल से पदकों की उम्मीद
भारत ने इस बार 125 सदस्यीय दल भेजा है, जिसमें पैरा एथलेटिक्स के खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय टीम से कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद की जा रही है। विशेष रूप से एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और पैरा स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
पिछली बार जीते थे 61 पदक
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कुल 61 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि इस बार खेलों और पदक स्पर्धाओं की संख्या कम होने के कारण चुनौती पहले से अधिक कठिन मानी जा रही है। इसके बावजूद भारतीय दल मजबूत प्रदर्शन कर अपनी पदक तालिका को बेहतर बनाने की कोशिश करेगा।
उद्घाटन के साथ शुरू होगा पदकों का सफर
ग्लासगो में उद्घाटन समारोह के साथ खेलों का औपचारिक शुभारंभ होगा। अगले 10 दिनों तक दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जबकि भारतीय खिलाड़ी भी देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।
