भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों और बिकवाली के दबाव के बीच दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए। घरेलू बाजार के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोना और चांदी के वायदा अनुबंध कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,43,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। वहीं चांदी की कीमत में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव घटकर 2,17,930 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।
विश्लेषकों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदों और निवेशकों की धारणा से प्रभावित होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी बड़े आर्थिक घटनाक्रम का सीधा असर घरेलू बुलियन बाजार पर भी देखने को मिलता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से मुनाफावसूली करते हैं या डॉलर मजबूत होता है, तब सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी बुलियन बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों धातुओं में कमजोरी का रुख बना रहा। अगस्त डिलीवरी वाला सोना लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,41,869 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब 1.2 प्रतिशत टूटकर 2,17,309 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स, केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फैसलों और निवेशकों की खरीद-बिक्री गतिविधियों पर निर्भर करेगी। ऐसे में बुलियन बाजार में निकट भविष्य में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार से आने वाले नए संकेतों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बुलियन बाजार में निवेश करने वाले निवेशक वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और बाजार के रुझानों पर लगातार नजर रखें, क्योंकि यही कारक आगे सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
