राष्ट्रमंडल खेल 2026: प्रीति और अंकुश ने भारत के लिए दो पदक किए पक्के

राष्ट्रमंडल खेल 2026 प्रीति और अंकुश ने भारत के लिए दो पदक किए पक्के - SamacharToday.co.in

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को ग्लासगो में आयोजित मुकाबलों में प्रीति पवार और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों ने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। अब दोनों स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से फाइनल मुकाबले में उतरेंगे।

महिलाओं के 54 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रीति पवार ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे के खिलाफ एकतरफा प्रदर्शन किया। उन्होंने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और अपने सटीक पंचों तथा बेहतरीन फुटवर्क से प्रतिद्वंद्वी को लगातार दबाव में रखा। निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले के साथ प्रीति को विजेता घोषित किया।

प्रीति अब फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से भिड़ेंगी। भारतीय मुक्केबाज का मौजूदा प्रदर्शन देखते हुए उनसे स्वर्ण पदक की मजबूत उम्मीद की जा रही है। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय दिया है।

पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के अंकुश पंघाल ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अंकुश ने मुकाबले के दौरान आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया।

दोनों भारतीय मुक्केबाजों के फाइनल में पहुंचने से भारत के पदक अभियान को और मजबूती मिली है। अब देश की नजर इन दोनों खिलाड़ियों पर होगी, जो स्वर्ण पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में इजाफा करने का प्रयास करेंगे।

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का अब तक का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। ताजा मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 17 पदक हो गए हैं। इनमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन देश में इस खेल की बढ़ती ताकत का संकेत है। युवा मुक्केबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं, जिससे भविष्य में भी भारत के लिए बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

अब खेल प्रेमियों की निगाहें प्रीति पवार और अंकुश पंघाल के फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। यदि दोनों खिलाड़ी अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं, तो भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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