भारत के कैप्टन सिमित मच्छर (Smit Machchhar) को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई गंभीर घटना के दौरान दिखाई गई सूझबूझ और साहस के लिए देश-विदेश से प्रशंसा मिल रही है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कथित तौर पर सह-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य भारतीय नेताओं ने कैप्टन मच्छर की भूमिका की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गंभीर खतरे और चोट के बावजूद पायलट ने दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और बड़ी त्रासदी टालने में मदद की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी कैप्टन मच्छर के साहस और कठिन परिस्थिति में लिए गए त्वरित निर्णय की प्रशंसा की। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि देश को उन पर गर्व है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी पायलट की कार्रवाई को सम्मान और प्रशंसा के योग्य बताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने गंभीर खतरे के बीच सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी दुर्घटना रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कैप्टन मच्छर का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की उड़ान में?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ओमान के नागरिक बताए जा रहे सह-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर हमला किया और विमान तेजी से नीचे आने लगा। कुछ ही समय में विमान ने हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी।
हमले के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को नियंत्रित करने में सहायता की। विमान में मौजूद अतिरिक्त चालक दल के सदस्यों ने नियंत्रण संभाला और विमान को तबूक क्षेत्र में आपात स्थिति में उतारा गया।
घटना के बाद कैप्टन मच्छर को तबूक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास तथा जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने उनके परिवार से संपर्क बनाए रखा है और सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
कैप्टन मच्छर के पेशेवर अनुभव की भी जानकारी सामने आई है। वह जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे और इससे पहले करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट में पायलट के रूप में काम कर चुके थे। उपलब्ध पेशेवर जानकारी के मुताबिक उनके पास बोइंग 737 विमानों पर लगभग 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छर को बहादुर बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना के दौरान उनके प्रयासों को लेकर प्रशंसा व्यक्त की। हालांकि, घटना के पीछे की वजह और सह-पायलट के कथित हमले का उद्देश्य अभी जांच का विषय है। फ्लाईदुबई ने भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।
