भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मंगलवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में बांग्लादेश को 13-0 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब बचाव अभियान की शानदार शुरुआत की। घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और बांग्लादेश की टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया।
भारत की ओर से मनदीप सिंह ने शानदार हैट्रिक लगाई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। इसके अलावा अभिषेक, शिलानंद लकड़ा, जुगराज सिंह और नीलकंठ शर्मा ने एक-एक गोल किया।
मनदीप सिंह की हैट्रिक, भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
भारत ने मुकाबले में शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। मनदीप सिंह ने तीन गोल करके टीम की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल दागे, जबकि अभिषेक, शिलानंद लकड़ा, जुगराज सिंह और नीलकंठ शर्मा ने भी स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया।
बांग्लादेश ने कुछ मौकों पर जवाबी हमले करने की कोशिश की, लेकिन वे भारतीय टीम के लिए कोई बड़ा खतरा पैदा नहीं कर सके। भारतीय डिफेंस और गोलकीपिंग के सामने बांग्लादेश के खिलाड़ी गोल करने में नाकाम रहे।
नीलकंठ शर्मा ने संन्यास का किया ऐलान
मैच के बाद भारतीय मिडफील्डर नीलकंठ शर्मा ने घोषणा की कि इस टूर्नामेंट के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो जाएगा। मणिपुर के रहने वाले नीलकंठ लगभग एक दशक से भारतीय हॉकी टीम का अहम हिस्सा रहे हैं।
वह टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। हाल ही में संपन्न आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में भी उन्होंने योगदान दिया। उस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था।
मलेशिया और जापान ने भी दर्ज की जीत
टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने रोमांचक मैच में चीन को 5-4 से हराया। वहीं, जापान ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 3-2 से जीत हासिल की।
भारत का अगला मुकाबला 29 अक्टूबर को चीन से होगा। टीम इस जीत के बाद अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने और टूर्नामेंट में खिताब बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।
पंजाब के दो शहरों में हो रहा टूर्नामेंट
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले पंजाब के दो शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के सभी मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद टूर्नामेंट के निर्णायक मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे।
सेमीफाइनल मुकाबले 4 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे, जबकि कांस्य पदक और स्वर्ण पदक के मैच 5 नवंबर को खेले जाएंगे।
छह टीमें खिताब के लिए मैदान में
इस बार टूर्नामेंट में भारत, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। शुरुआत में पाकिस्तान को भी टूर्नामेंट में शामिल किया गया था, लेकिन उसके हटने के बाद बांग्लादेश को जगह दी गई।
पांच बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुकी भारतीय टीम इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में शामिल है। भारत हाल ही में जापान में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक बरकरार रखकर लौटा है। मौजूदा एशियाई खेल चैंपियन और टूर्नामेंट की शीर्ष रैंक वाली टीम होने के कारण भारत की नजर एक और खिताब जीतने पर है।
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी
पंजाब को भारतीय हॉकी की प्रमुख नर्सरी माना जाता है। राज्य ने देश को कई प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय हॉकी की विरासत को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखता है। जालंधर और मोहाली में होने वाले मुकाबलों से खेल के प्रति क्षेत्र की पुरानी लोकप्रियता को फिर से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
