दक्षिणी लेबनान के कफर रुम्मान कस्बे में सोमवार तड़के हुए इजरायली हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में दो बच्चे और चार महिलाएं शामिल हैं। हमलों के बाद लेबनान में फिर से बड़े इजरायली सैन्य अभियान की आशंका बढ़ गई है।
सबसे घातक हमला एक रिहायशी इमारत पर हुआ, जहां स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे। हमले के बाद इमारत पूरी तरह मलबे में बदल गई। बचावकर्मियों ने भारी मशीनरी की मदद से मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम किया। घटनास्थल पर बच्चों की स्कूल की किताबें भी बिखरी मिलीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आठ वर्षीय मुस्तफा फरहत ने इस हमले में अपने दादा-दादी और मां को खो दिया। घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जबकि बचावकर्मी उसके पिता के शव की तलाश कर रहे थे।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एक अलग इजरायली ड्रोन हमले में एक चिकित्साकर्मी की भी मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हुए। कफर रुम्मान में हुए हमलों से पहले इजरायली सेना की ओर से ऑनलाइन निकासी चेतावनी जारी नहीं की गई थी।
इजरायली सेना ने कहा कि उसने इलाके में हथियारों को स्थानांतरित करते दिखे लोगों को निशाना बनाया। सेना के मुताबिक, नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए सटीक हथियारों और हवाई निगरानी जैसे उपाय किए गए थे। साथ ही उसने नागरिकों के प्रभावित होने की रिपोर्ट की समीक्षा शुरू करने की बात कही।
इजरायल ने यह भी दावा किया कि हिजबुल्लाह ने रात में इजरायली सैनिकों की ओर दो विस्फोटक ड्रोन भेजे थे। ये सैनिक दक्षिण-पूर्वी लेबनान में अली अल-ताहेर रिज के पास अभियान चला रहे थे। हिजबुल्लाह ने इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
लेबनान में जून में हुए संघर्षविराम के बाद हिंसा में कमी आई थी, लेकिन दक्षिणी इलाकों में इजरायली हमले जारी रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से लेबनान में इजरायली हमलों में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 250 से ज्यादा बच्चे, करीब 400 महिलाएं और 130 से अधिक चिकित्साकर्मी शामिल हैं।
लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने संघर्षविराम के भविष्य और दक्षिणी लेबनान में आगे की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
