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ट्रंप के करीबी सहयोगी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन

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ट्रंप के करीबी सहयोगी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन - SamacharToday.co.in

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम का संक्षिप्त बीमारी के बाद 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से अमेरिकी राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्राहम लंबे समय तक अमेरिकी सीनेट में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर उनकी स्पष्ट और मुखर राय के लिए उन्हें जाना जाता था।

लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहा। वे पहली बार वर्ष 2002 में दक्षिण कैरोलिना से अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने लगातार 2008, 2014 और 2020 के चुनावों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी। सीनेट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रक्षा, न्यायपालिका, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण समितियों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल ग्राहम ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी विदेश नीति के प्रमुख समर्थकों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने वैश्विक सुरक्षा, सैन्य रणनीति और अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशासन का खुलकर समर्थन किया। ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति को कांग्रेस में मजबूती देने में उनकी भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जाता था।

लिंडसे ग्राहम वर्ष 2003 में इराक पर अमेरिकी सैन्य अभियान के प्रबल समर्थकों में शामिल रहे। उनका मानना था कि वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को निर्णायक कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ईरान के खिलाफ कड़े रुख की लगातार वकालत की और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कठोर नीतियों का समर्थन किया।

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते (Iran Nuclear Deal) के भी ग्राहम मुखर विरोधी रहे। उनका तर्क था कि यह समझौता अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा चिंताओं का पर्याप्त समाधान नहीं करता। उन्होंने कई अवसरों पर इस समझौते को रद्द करने और ईरान के खिलाफ अधिक कठोर प्रतिबंधों तथा रणनीतिक दबाव की आवश्यकता पर जोर दिया।

अमेरिकी सीनेट में ग्राहम को द्विदलीय संवाद के समर्थक नेताओं में भी गिना जाता था। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा जैसे विषयों पर उनका रुख अक्सर सख्त रहा, लेकिन कई घरेलू मुद्दों पर उन्होंने दोनों दलों के नेताओं के साथ मिलकर काम किया। उनके अनुभव और संसदीय समझ के कारण उन्हें सीनेट के प्रभावशाली नेताओं में स्थान प्राप्त था।

लिंडसे ग्राहम के निधन पर रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं, सहयोगियों और कई अमेरिकी जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके निधन से अमेरिकी राजनीति, विशेष रूप से रिपब्लिकन पार्टी और विदेश नीति से जुड़े विमर्श में एक महत्वपूर्ण खालीपन पैदा हुआ है।

अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में ग्राहम ने राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी राजनीतिक विरासत को अमेरिकी विदेश नीति और सीनेट में उनके दशकों लंबे योगदान के लिए याद किया जाएगा।

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