आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विस्तार के बीच प्रमुख AI कंपनियों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र से इस तकनीक के लिए वैश्विक सुरक्षा और नियमन की व्यवस्था बनाने की अपील की है। UN सुरक्षा परिषद में बुधवार को हुई चर्चा में Anthropic के CEO डारियो अमोडेई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और Hugging Face के CEO क्लेमेंट डेलांग ने AI के बढ़ते प्रभाव और इससे जुड़े संभावित जोखिमों पर अपनी चिंता व्यक्त की।
अमोडेई ने चेतावनी दी कि यदि AI का प्रबंधन सही तरीके से नहीं किया गया तो यह पूरी मानवता के लिए जोखिम बन सकता है। ऑल्टमैन ने भी कहा कि AI के कारण भविष्य पर मानव नियंत्रण कमजोर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों ने देशों से ऐसी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का आग्रह किया, जिससे AI की क्षमताओं के अनियंत्रित विस्तार को रोका जा सके।
वैश्विक मानकों की जरूरत पर जोर
AI कंपनियों के प्रमुखों ने यह भी कहा कि इस तकनीक की शक्ति किसी एक कंपनी या देश तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि इन तकनीकी नेताओं की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और AI से जुड़े संभावित खतरों को रोकने की जिम्मेदारी केवल कंपनियों पर नहीं छोड़ी जा सकती।
मिलिबैंड के अनुसार, ब्रिटेन के अगले वर्ष G20 की अध्यक्षता संभालने के दौरान AI सुरक्षा और नियंत्रण को चर्चा के केंद्र में रखा जाएगा। उनका लक्ष्य AI के सुरक्षित विकास के लिए वैश्विक मानकों पर सहमति बनाने की दिशा में काम करना है।
अमेरिका ने नए वैश्विक ढांचे पर जताई आपत्ति
अमेरिकी व्हाइट हाउस के विज्ञान सलाहकार माइकल क्राट्सियोस ने AI के विकास को रोकने या इसके लिए नए वैश्विक शासन ढांचे को कारण नहीं माना। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि सहयोगी और साझेदार भी AI तकनीक के लाभों में हिस्सेदारी करें।
वहीं चीन के UN राजदूत फू कांग ने देशों को AI तकनीक के चयन में स्वतंत्रता देने की बात कही। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में देशों को दो खेमों में बांटने और किसी एक देश या समूह की डिजिटल प्रभुत्व की स्थिति बनाने के खिलाफ चेतावनी दी। चीन ने ओपन-सोर्स AI मॉडल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मानव बनाम मशीन के फैसले पर सवाल
बैठक में AI के सैन्य इस्तेमाल और जीवन-मृत्यु से जुड़े फैसलों में मानव नियंत्रण का मुद्दा भी सामने आया। अमोडेई ने जैविक हथियारों के निर्माण में AI के इस्तेमाल को रोकने, AI मॉडल की क्षमताओं की जांच और दुरुपयोग से जुड़े जोखिमों के लिए साझा परीक्षण मानक बनाने की अपील की।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने AI की मौजूदा स्थिति की तुलना परमाणु युग की शुरुआत से की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके लाभ हासिल करने के साथ गंभीर जोखिमों से बचने के लिए नियमन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इससे एक दिन पहले घातक स्वायत्त हथियारों को लेकर चेतावनी दी थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी मशीनों पर मानवीय नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि युद्धक्षेत्र में AI द्वारा फैसले लेने की स्थिति आने से पहले शांति जरूरी है।
AI को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच UN में हुई यह चर्चा वैश्विक स्तर पर AI सुरक्षा, नियमन, सैन्य उपयोग और मानव नियंत्रण से जुड़े सवालों को लेकर बढ़ती चिंता को सामने लाती है।
