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हाइब्रिड युग में हुंडई क्रेटा की नई पहचान

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SamacharToday.vo.in - हाइब्रिड युग में हुंडई क्रेटा की नई पहचान - Image Credited by ABP News

नई दिल्ली — भारत के सबसे प्रतिस्पर्धी ऑटोमोटिव सेगमेंट में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए, हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) ने अपनी तीसरी पीढ़ी की क्रेटा के विकास में तेजी ला दी है। ‘SX3’ कोडनेम वाला यह आगामी रीबूट केवल कॉस्मेटिक अपडेट नहीं है, बल्कि एक व्यापक कायाकल्प (overhaul) है। इसमें एक नया प्लेटफॉर्म, बॉक्सी और मस्कुलर डिज़ाइन भाषा और सबसे महत्वपूर्ण बात—एक ईंधन-कुशल हाइब्रिड पावरट्रेन पेश किया गया है।

2015 में अपनी शुरुआत के बाद से, क्रेटा मिड-साइज एसयूवी श्रेणी की निर्विवाद नेता रही है। यह लगातार अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए जून 2025 में भारत का सबसे अधिक बिकने वाला यात्री वाहन बन गया। हालांकि, ऑटोमोटिव परिदृश्य के तेजी से विद्युतीकरण और हाइब्रिड तकनीकों की ओर बढ़ने के साथ, हुंडई अपनी इस “सोने का अंडा देने वाली मुर्गी” (gold goose) को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रही है।

डिज़ाइन परिवर्तन: घुमावदार आकार से “किंग-साइज़” स्टेंस तक

तीसरी पीढ़ी की क्रेटा मौजूदा मॉडल की “सेंसियस स्पोर्टीनेस” (Sensuous Sportiness) को छोड़कर अधिक ऊंचे और रग्ड (rugged) लुक की ओर बढ़ रही है। दक्षिण कोरिया से मिली ‘स्पाई शॉट्स’ एक ऐसी रूपरेखा (silhouette) का खुलासा करती हैं जो सड़क पर मजबूत उपस्थिति (road presence) और इंटीरियर स्पेस को प्राथमिकता देती है। नए डिज़ाइन की मुख्य विशेषताएं:

  • बॉक्सी रूपरेखा: नई ‘सांता फे’ और ‘नेक्सो FCEV’ जैसे वैश्विक मॉडलों से प्रेरणा लेते हुए, नई क्रेटा में एक सपाट बोनट, अधिक वर्टिकल फ्रंट फेसिया और चौकोर व्हील आर्च होंगे।

  • बढ़ा हुआ आकार: नए K3 प्लेटफॉर्म (जो 2026 किआ सेल्टोस के साथ साझा किया गया है) का लाभ उठाते हुए, इस एसयूवी की लंबाई लगभग 100 मिमी बढ़ने की उम्मीद है। इसका व्हीलबेस भी काफी लंबा होगा ताकि पिछली सीट पर “क्लास-लीडिंग” लेगरूम मिल सके।

  • मस्कुलर विवरण: ऊपर की ओर स्थित LED DRLs, “क्वाड-डॉट” पिक्सेल हेडलाइट सेटअप और 18-इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील इसकी “टफ-एसयूवी” पहचान को और मजबूत करेंगे।

हाइब्रिड छलांग: “ग्रैंड विटारा प्रभाव” से मुकाबला

संभवतः सबसे महत्वपूर्ण अपडेट एक ‘स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड’ सिस्टम की शुरुआत है। जबकि वर्तमान क्रेटा अपने 1.5L डीजल इंजन पर काफी निर्भर है (जिसकी कुल बिक्री में 44% हिस्सेदारी है), सख्त होते उत्सर्जन मानकों—विशेष रूप से आगामी CAFE 3 (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी) मानकों—ने हुंडई को रुख बदलने पर मजबूर कर दिया है। नए हाइब्रिड सेटअप में 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर और एक छोटा बैटरी पैक होने की उम्मीद है। इस संयोजन का उद्देश्य 25-30 किमी प्रति लीटर की रेंज में माइलेज देना है, जो सीधे तौर पर मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर के दबदबे को चुनौती देगा।

“हुंडई क्रेटा का सफर बेहद भावनात्मक है; यह भारतीय एसयूवी खरीदार के लिए एक गोल्ड स्टैंडर्ड बन गई है,” हुंडई मोटर इंडिया के सीईओ तरुण गर्ग कहते हैं। “जैसे-जैसे भारत की एसयूवी महत्वाकांक्षाएं बढ़ रही हैं, क्रेटा उनके साथ बढ़ रही है—अक्सर उन महत्वाकांक्षाओं से भी आगे। हमारा ध्यान उपभोक्ताओं के जरूरतों को व्यक्त करने से पहले ही उन्हें भांपने पर रहता है।”

केबिन के अंदर: स्क्रीनों की “त्रिमूर्ति”

इंटीरियर में एक डिजिटल क्रांति आने वाली है। उद्योग जगत के जानकारों को एक “ट्रिनिटी पैनोरमिक डिस्प्ले” की उम्मीद है—एक ही घुमावदार ग्लास हाउसिंग जिसमें ड्राइवर क्लस्टर, इंफोटेनमेंट और संभावित रूप से सह-यात्री के लिए तीन अलग-अलग स्क्रीन होंगी। मुख्य इंटीरियर अपग्रेड:

  • डुअल पावर्ड सीट्स: ड्राइवर और सह-चालक दोनों को मेमोरी फंक्शन के साथ 10-वे पावर-एडजस्टेबल और वेंटिलेटेड सीटें मिलने की संभावना है।

  • स्थायी सामग्री (Sustainable Materials): वैश्विक ESG लक्ष्यों के अनुरूप, रिसाइकिल किए गए प्लास्टिक और वीगन लेदर (vegan leatherette) का अधिक उपयोग।

  • लेवल 2+ ADAS: 21 स्वायत्त विशेषताओं (autonomous features) का एक अपग्रेड सूट, जिसमें ब्लाइंड-स्पॉट कोलिजन अवॉइडेंस और रियर क्रॉस-ट्रैफिक असिस्ट शामिल हैं।

एक दशक का दबदबा

क्रेटा हुंडई के लिए सिर्फ एक कार नहीं है; यह एक “फ्रैंचाइज़ी ब्रांड” है। जुलाई 2015 में लॉन्च की गई इस कार ने मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट को परिभाषित किया। पिछले एक दशक में, हुंडई ने केवल भारत में 1.3 मिलियन (13 लाख) से अधिक इकाइयां बेची हैं। 10 साल पुराना नाम होने के बावजूद, इसने ऑटोमोटिव मॉडलों के सामान्य जीवनचक्र को चुनौती देते हुए 2026 की शुरुआत में 34% बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी। K3 प्लेटफॉर्म पर जाने का निर्णय रणनीतिक है। यह आर्किटेक्चर बेहतर संरचनात्मक मजबूती और बेहतर क्रैश सेफ्टी रेटिंग प्रदान करता है—जो पिछली पीढ़ियों में विवाद का विषय था। यह एक साथ पेट्रोल, डीजल और हाइब्रिड पावरट्रेन को समाहित करने की लचीलापन भी देता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हुंडई हर तरह के भारतीय खरीदार की जरूरतों को पूरा करे।

लॉन्च टाइमलाइन और बाजार रणनीति

जबकि वर्तमान फेसलिफ्ट मॉडल अभी भी रिकॉर्ड संख्या में बिक रहा है, तीसरी पीढ़ी की क्रेटा के 2026 के अंत में वैश्विक स्तर पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराने की उम्मीद है, जबकि भारत में इसकी लॉन्चिंग 2027 के लिए निर्धारित है। यह समयरेखा हुंडई के व्यापक “2030 रोडमैप” के अनुरूप है, जिसमें 15% घरेलू बाजार हिस्सेदारी सुरक्षित करने के लिए 45,000 करोड़ रुपये का निवेश और 26 नए लॉन्च शामिल हैं। क्रेटा के अलावा, हुंडई एक ‘सब-क्रेटा’ एसयूवी और महिंद्रा थार को टक्कर देने के लिए एक विशेष ऑफ-रोडर भी तैयार कर रही है, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह कोरियाई दिग्गज दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो बाजार में पिछड़ने के बजाय हमेशा सक्रिय रहे।

देवाशीष पेशे से इंजीनियर हैं और वर्ष 2017 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें 2017 से पत्रकारिता में निरंतर अनुभव प्राप्त है, जिसके आधार पर उन्होंने डिजिटल और समाचार जगत में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विषयों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टि के लिए जाना जाता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), संसद, केंद्र सरकार और नीति-निर्माण से जुड़े मामलों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। उनकी मुख्य रुचि और विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय समाचारों, प्रबंधन, व्यापार (बिज़नेस) और खेल जगत की कवरेज में रही है। इसके साथ ही वे सीमित रूप से राजनीति और न्यूज़ प्लेसमेंट से जुड़े विषयों को भी कवर करते हैं। Samachar Today में देवाशीष का फोकस वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक गतिविधियों, खेल समाचारों और रणनीतिक विषयों पर निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग प्रदान करना है।

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