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होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही घटी, बढ़ी वैश्विक चिंता

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होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही घटी, बढ़ी वैश्विक चिंता - SamacharToday.co.in

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़े सैन्य तनाव का असर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होरमुज जलडमरूमध्य पर साफ दिखाई देने लगा है। ताजा शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, रविवार को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या कई सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। सुरक्षा जोखिम बढ़ने और क्षेत्र में लगातार हो रहे सैन्य हमलों के कारण कई जहाज संचालकों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म क्प्लर (Kpler) के अनुसार, रविवार को केवल छह जहाज होरमुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे। यह पिछले लगभग पांच सप्ताह का सबसे कम आंकड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।

आंकड़ों के अनुसार, जलडमरूमध्य से बाहर निकलने वाले जहाजों में ह्यूमैनिटी नामक एक विशाल क्रूड ऑयल टैंकर शामिल था, जिसमें लगभग 20 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा हुआ था। इसके अलावा कैपेटन एंड्रियास नामक टैंकर करीब 5 लाख बैरल कुवैती तेल उत्पाद लेकर रवाना हुआ। वहीं, तीन खाली तेल टैंकर खाड़ी क्षेत्र में कच्चा तेल लोड करने के लिए प्रवेश करते देखे गए। सुरक्षा कारणों से अधिकांश जहाजों ने जलडमरूमध्य पार करते समय अपने ट्रांसपोंडर भी बंद कर दिए।

सप्ताहांत के दौरान उपलब्ध ट्रैकिंग आंकड़ों में एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) ले जाने वाला कोई भी जहाज होरमुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करता दिखाई नहीं दिया। इससे ऊर्जा बाजार में भी सतर्कता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी बीच, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के नियंत्रण वाला एक तेल टैंकर 10 से 12 जुलाई के बीच होरमुज जलडमरूमध्य से बाहर निकला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह जहाज भारत के दहेज बंदरगाह की ओर रवाना हुआ है, जहां उसके पहुंचने की संभावना है।

उधर, अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के विभिन्न ठिकानों पर एक और बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में कई स्थानों पर सटीक हथियारों से दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होरमुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला हुआ है। हालांकि, ईरान ने इससे पहले कहा था कि एक जहाज के निर्धारित मार्ग से हटने के बाद उस पर कार्रवाई की गई और जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया था। इस विरोधाभासी दावों ने वैश्विक बाजारों और शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।

सोमवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने पिछली रात होरमुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों की प्रणालियों को निष्क्रिय कर उन्हें रोक दिया। हालांकि, ईरान ने इन जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। भारत सहित कई देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए इस समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं। ऐसे में होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निर्बाध आवाजाही आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

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