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वैभव सूर्यवंशी का धमाका; भुवनेश्वर कुमार ने की ‘परिपक्वता’ की तारीफ

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SamacharToday.co.in - वैभव सूर्यवंशी का धमाका; भुवनेश्वर कुमार ने की 'परिपक्वता' की तारीफ - Image Credited by The Indian Express

आईपीएल 2026 का सीजन भारतीय क्रिकेट की नई पौध की गवाही दे रहा है, और इसमें सबसे चमकदार नाम 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का है। शुक्रवार रात बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में, राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस युवा ओपनर ने मात्र 26 गेंदों में 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 202 रनों के विशाल लक्ष्य को बौना साबित कर दिया। इस पारी की धमक ऐसी थी कि भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज भी इस किशोर की बल्लेबाजी के कायल हो गए।

राजस्थान रॉयल्स ने यह मैच दो ओवर शेष रहते जीत लिया और अब वे अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। हालांकि ध्रुव जुरेल ने नाबाद 81 रनों के साथ पारी को संभाला, लेकिन सूर्यवंशी के पावरप्ले के हमले ने मैच का रुख पहले ही तय कर दिया था।

गुवाहाटी में रनों का सैलाब

202 के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान को एक तेज शुरुआत की जरूरत थी। बिहार के इस होनहार खिलाड़ी ने न केवल बड़े शॉट लगाए, बल्कि जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों के खिलाफ शानदार तकनीकी क्रिकेट खेला। सूर्यवंशी की पारी में 8 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे, और उनका स्ट्राइक रेट 300.00 का रहा।

विशेष रूप से पांचवें ओवर में उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ जिस तरह से कवर ड्राइव और मिड-विकेट के ऊपर से शॉट खेले, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पावरप्ले खत्म होने तक राजस्थान का स्कोर 97/1 था—जो इस फ्रेंचाइजी के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर है।

भुवनेश्वर कुमार: “15 की उम्र में भी बहुत परिपक्व”

मैच के बाद भुवनेश्वर कुमार ने हार का कोई बहाना नहीं बनाया। उन्होंने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में वह परिपक्वता दिखी जो अक्सर अनुभवी खिलाड़ियों में होती है।

भुवनेश्वर ने कहा, “वह जिस तरह से शॉट लगा रहा है, वह सिर्फ मार नहीं रहा है, बल्कि प्रॉपर क्रिकेटिंग शॉट खेल रहा है। 15 साल की उम्र के हिसाब से वह बहुत परिपक्व है। टी20 क्रिकेट में उम्र मायने नहीं रखती; अगर कोई अच्छा खेल रहा है तो उसे श्रेय मिलना चाहिए।”

वैभव सूर्यवंशी: एक उभरता हुआ सितारा

27 मार्च 2011 को बिहार में जन्मे वैभव ने 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी खेलकर सबको चौंका दिया था। इसी साल उन्होंने जिम्बाब्वे में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, जहां उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2025 की नीलामी में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था, और अब वह इस सीजन में ऑरेंज कैप (सबसे ज्यादा रन) की दौड़ में सबसे आगे निकल गए हैं।

मैच के बाद एक खास पल तब आया जब विराट कोहली ने खुद इस युवा खिलाड़ी से बात की और उन्हें एक ऑटोग्राफ की हुई कैप भेंट की, जिस पर लिखा था: “डियर वैभव, वेल डन।” यह जीत न केवल राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सुखद संकेत भी है।

सब्यसाची एक अनुभवी और विचारशील संपादक हैं, जो समाचारों और समसामयिक विषयों को गहराई से समझने के लिए जाने जाते हैं। उनकी संपादकीय दृष्टि सटीकता, निष्पक्षता और सार्थक संवाद पर केंद्रित है। सब्यसाची का मानना है कि संपादन केवल भाषा सुधारने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। वे प्रत्येक लेख और रिपोर्ट को इस तरह से गढ़ते हैं कि पाठकों तक न केवल सूचना पहुँचे, बल्कि उसका सामाजिक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखे। उन्होंने विभिन्न विषयों—राजनीति, समाज, संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण—पर संतुलित संपादकीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके संपादन के माध्यम से समाचार टुडे में सामग्री और भी प्रासंगिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली बनती है। समाचार टुडे में सब्यसाची की भूमिका: संपादकीय सामग्री का चयन और परिष्करण समाचारों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करना लेखकों को मार्गदर्शन और संपादकीय दिशा प्रदान करना रुचियाँ: लेखन, साहित्य, समसामयिक अध्ययन, और विचार विमर्श।

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