टाटा संकट से AI अरबपतियों तक, इस हफ्ते की बड़ी आर्थिक खबरें

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इस सप्ताह वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं चर्चा में रहीं। इनमें टाटा संस का बढ़ता बोर्डरूम विवाद, अमेरिका-डेनमार्क-ग्रीनलैंड का नया सुरक्षा समझौता, ईरान के विमानन क्षेत्र पर अमेरिकी प्रतिबंधों का विस्तार और भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी संपत्ति में तेज बढ़ोतरी प्रमुख रही। DD India के साप्ताहिक Economic Brief में इन घटनाओं का विश्लेषण अर्थशास्त्री और लेखक प्रसन्नजीत बसु के साथ किया गया।

टाटा संस के सामने तीन मोर्चों पर संकट

टाटा संस में बोर्डरूम विवाद अब तीन अलग-अलग मोर्चों पर दिखाई दे रहा है। 17 सितंबर को बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल का नया कार्यकाल देने और RBI के अनिवार्य लिस्टिंग आदेश का अनुपालन शुरू करने के पक्ष में 4-1 से मतदान किया। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया।

विवाद का एक प्रमुख मुद्दा यह है कि क्या चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति के लिए ट्रस्ट द्वारा नामित निदेशकों के बहुमत की आवश्यकता थी। इसके अलावा RBI द्वारा टाटा संस के Core Investment Company लाइसेंस को सरेंडर करने के प्रयास को अस्वीकार किए जाने के बाद नियामकीय दबाव भी बना हुआ है।

शेयरहोल्डर स्तर पर भी स्थिति जटिल है। रतन टाटा ट्रस्ट की लगभग 24 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की जांच के कारण उसके बोर्ड की बैठक में कोरम से जुड़ी समस्या बताई गई है। AGM की समयसीमा 18 नवंबर तक बढ़ाई गई है।

ग्रीनलैंड में अमेरिका-डेनमार्क का नया समझौता

अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच नया सुरक्षा एवं आर्थिक समझौता 1951 के रक्षा समझौते को अपडेट और विस्तारित करता है। इसके तहत दक्षिण में Narsarsuaq और पूर्व में Mestersvig में दो नए अमेरिकी ठिकानों की व्यवस्था तथा Pituffik Space Base से जुड़े अधिकारों के विस्तार का प्रावधान बताया गया है।

समझौते में ग्रीनलैंड के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता दी गई है। साथ ही इसे NATO के ढांचे के भीतर रखने और गैर-NATO सैन्य उपस्थिति को रोकने से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। समझौते को ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संसदों से मंजूरी मिलने के बाद स्थायी रूप से प्रभावी होने की बात कही गई है।

ईरान के विमानन क्षेत्र पर अमेरिकी दबाव

अमेरिका ने विदेशी हवाई अड्डों, बीमा कंपनियों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं और टिकटिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि ईरानी एयरलाइनों को सेवाएं देने पर उन पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

इसका असर Mahan Air, Iran Air और Meraj Air जैसी ईरानी विमानन कंपनियों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच जेट ईंधन की कीमतों में भी तेज वृद्धि हुई है और कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस क्षेत्र के हवाई क्षेत्र से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही हैं।

भारत में AI से जुड़ी संपत्ति का उभार

Hurun India Rich List में पहली बार AI को अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में 19 लोगों की कुल संपत्ति ₹3 लाख करोड़ से अधिक बताई गई है। इनमें 15 नए नाम शामिल हैं।

सूची में Perplexity के अरविंद श्रीनिवास, Sarvam AI के सह-संस्थापक विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार तथा पूर्व Twitter CEO पराग अग्रवाल जैसे नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 391 हो गई है।

AI के साथ सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और डिफेंस क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने भी देश की संपत्ति संरचना में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। इन क्षेत्रों को मिलाकर 48 लोगों की कुल संपत्ति ₹4.2 लाख करोड़ से अधिक बताई गई है।

इस सप्ताह की ये घटनाएं कॉरपोरेट गवर्नेंस, वैश्विक रणनीतिक सुरक्षा, प्रतिबंधों के आर्थिक प्रभाव और AI आधारित नई संपत्ति के उभरते प्रभाव जैसे अलग-अलग रुझानों को सामने लाती हैं।

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