भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 384 अंक यानी करीब 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,301 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 150 अंक यानी 0.63 प्रतिशत चढ़कर 23,961 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स दो प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।
सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियों के शेयर चढ़े
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 21 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके शेयर में 4.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इसके अलावा टाइटन के शेयर 4.3 प्रतिशत और इंडिगो के शेयर 2.4 प्रतिशत चढ़े। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांक को मजबूती मिली।
हालांकि, आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। TCS का शेयर 2.7 प्रतिशत टूट गया। HCL टेक्नोलॉजीज में 2.2 प्रतिशत से अधिक और इंफोसिस में करीब 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
BSE के 28 में से 26 सेक्टर बढ़त के साथ बंद
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के क्षेत्रीय सूचकांकों में भी तेजी का रुख रहा। कुल 28 सेक्टरों में से 26 सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
कैपिटल गुड्स सेक्टर में सबसे अधिक मजबूती देखने को मिली और यह 3.6 प्रतिशत चढ़ा। रियल्टी सेक्टर में 2.8 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सर्विसेज सेक्टर 2.8 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
इसके विपरीत, फोकस्ड आईटी और आईटी सेक्टर में करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में व्यापक तेजी के बावजूद आईटी शेयरों पर दबाव बना रहा।
बाजार में खरीदारी का रुख मजबूत
BSE के आंकड़ों के अनुसार, कुल बाजार का रुख सकारात्मक रहा। कारोबार के दौरान 3,074 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,313 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 210 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में लगातार पांचवें सत्र की बढ़त के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त के साथ व्यापक बाजार में सकारात्मक रुख ने घरेलू शेयर बाजार की मजबूती को दर्शाया।
