सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई और यूरोपीय शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। अधिकांश प्रमुख एशियाई सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि यूरोप के प्रमुख बाजार भी कारोबार के दौरान मजबूती के साथ आगे बढ़ते नजर आए। निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों में बेहतर धारणा का असर विभिन्न बाजारों पर दिखाई दिया।
एशिया में चीन का शंघाई कंपोजिट सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख सूचकांकों में शामिल रहा। यह सूचकांक 1.1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 1 प्रतिशत चढ़े। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।
हालांकि एशियाई बाजारों में सभी सूचकांकों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा। ताइवान का ताइएक्स (Taiex) मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे क्षेत्रीय बाजारों में मिश्रित रुख भी देखने को मिला। इसके बावजूद अधिकांश प्रमुख सूचकांकों में तेजी रहने से निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा।
यूरोपीय शेयर बाजारों में भी कारोबार के दौरान खरीदारी का रुझान देखने को मिला। जर्मनी का DAX सबसे अधिक मजबूत रहा और इसमें 1.7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। फ्रांस का CAC 40 लगभग 1 प्रतिशत ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि ब्रिटेन का FTSE 100 करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
वैश्विक बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक रुख निवेशकों की बेहतर धारणा को दर्शाता है। एशियाई बाजारों में आई मजबूती का असर यूरोपीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में अधिकांश प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बने रहे।
निवेशकों की नजर अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी, क्योंकि इनका असर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल एशियाई और यूरोपीय बाजारों में दर्ज हुई बढ़त ने वैश्विक निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल का संकेत दिया है।
