यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट कच्चे तेल पाइपलाइन पंपिंग स्टेशनों और रियाद एयरपोर्ट पर हमला करने का दावा किया। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य कार्रवाई से तेल आपूर्ति प्रभावित होने और संघर्ष के व्यापक रूप लेने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर, यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राजधानी सना में बैलिस्टिक मिसाइलों के दो लॉन्चर नष्ट करने की जानकारी दी है। गठबंधन के अनुसार, इनमें से एक लॉन्चर का इस्तेमाल रियाद की ओर मिसाइल दागने के लिए किया गया था, जिसे बीच में ही रोक लिया गया।
सऊदी अरब की ओर से हूतियों के ताजा हमलों की तत्काल पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के सोमवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करने की योजना है।
रियाद एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के तेल पंपिंग स्टेशनों और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया है। समूह इससे पहले भी सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करता रहा है।
रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस महीने की शुरुआत में हुए हमले के बाद रविवार को अपने दो टर्मिनलों पर संचालन फिर शुरू कर चुका था। हूतियों ने उस पहले हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह एक दशक से अधिक समय में सऊदी अरब में सबसे घातक हमला था।
ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन की अहमियत बढ़ी
सऊदी अरब ने सितंबर में ड्रोन हमले के बाद एहतियातन अपनी लगभग 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। रियाद और बगदाद ने उस हमले का स्रोत इराक बताया था।
युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग बड़े पैमाने पर बंद रहने के बीच यह पाइपलाइन मध्य पूर्व से तेल निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता रही है। हूतियों ने शनिवार को भी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों, यानबू स्थित अरामको प्रतिष्ठान और राबिग रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा किया था। इन दावों की भी सऊदी अरब की ओर से पुष्टि नहीं की गई।
सऊदी गठबंधन ने यमन में सैन्य कार्रवाई तेज की
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सोमवार को कहा कि उसने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। गठबंधन के अनुसार, कार्रवाई में बैलिस्टिक मिसाइलों को रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पांच सुरंगें, चार मिसाइल लॉन्चर और एक मिसाइल भंडारण केंद्र नष्ट किए गए।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि अभियान में हूतियों की आपूर्ति लाइनों, लड़ाकों और अग्रिम मोर्चों पर मौजूद सैन्य उपकरणों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आगे भी निवारक सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
पिछले महीने लाल सागर के यमनी तट पर रणनीतिक क्षेत्रों पर हूतियों के कब्जे के बाद सऊदी अरब ने हमले तेज किए हैं। हूतियों की बढ़त बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की दिशा में हुई है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार और खाड़ी देशों के तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।
ईरान और तीन देशों के बीच बातचीत की तैयारी
मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के अनुसार, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों से क्षेत्रीय समन्वय पर चर्चा करने वाले हैं। यह सऊदी अरब पर हूती हमले तेज होने के बाद तीनों देशों के समूह और ईरान के बीच पहला उच्चस्तरीय संपर्क हो सकता है।
इस बीच, बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए उस युद्धविराम को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है, जो 2022 से काफी हद तक कायम था। सऊदी अरब ने 2015 में यमन के गृहयुद्ध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने के लिए गठबंधन के साथ सैन्य हस्तक्षेप किया था। इससे एक साल पहले हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था।
