प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत दौरे पर आ रहे लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और वंशानुगत राजकुमार एलोइस के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रिंस एलोइस कल से 28 अक्टूबर तक चार दिवसीय भारत यात्रा पर रहेंगे। वह प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी वंशानुगत राजकुमारी सोफी, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों का एक उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलोइस की प्रस्तावित बैठक में भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। व्यापार और निवेश के साथ विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर भी वार्ता के प्रमुख विषय होंगे।
प्रिंस एलोइस के साथ आने वाले कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच संवाद और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान किसी विशेष समझौते या निवेश की घोषणा को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी करेंगे मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक आधिकारिक भोज का भी आयोजन करेंगी। इसके अलावा, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी प्रिंस एलोइस से मुलाकात करेंगे।
इन बैठकों के माध्यम से भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनीतिक और राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
भारत-EFTA समझौते के बाद संबंधों को मिलेगी गति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच बढ़ते संपर्क को और गति देने की उम्मीद है। इसमें विशेष रूप से 2025 में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद विकसित हुए अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा।
भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देना है। प्रिंस एलोइस की यात्रा से दोनों देशों को आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी विकसित करने और मौजूदा सहयोग को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर नजर
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह दौरा भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक सहयोग के साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
चार दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के साथ होने वाली बैठकों से दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने की दिशा में प्रगति की उम्मीद है।
